'कमांडो काजल की जान ससुरालियों ने नहीं बख्शी': राजमिस्त्री पिता ने पढ़ाकर बनाया काबिल, चार माह की थी गर्भवती
आरोप है कि पति अंकुर ने डंबल से वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पिछले कई दिनों से काजल को प्रताड़ित किया जा रहा था। इस प्रताड़ना से तंग आकर काजल 2024 में दिल्ली रहने लगी, लेकिन वहां भी पति की यातनाएं जारी रहीं।
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हरियाणा के सोनीपत के गांव बड़ी के राजमिस्त्री राकेश ने मेहनत करके जिस बेटी को कमांडो बनाया ससुराल वालों ने उसकी जान नहीं बख्शी। मामला दिल्ली पुलिस की 27 वर्षीय कमांडो काजल की हत्या का है।
वर्ष 2022 में काजल की पहचान पढ़ाई के दौरान गन्नौर निवासी अंकुर से हुई थी। 2023 में दोनों ने परिजनों की सहमति से शादी कर ली। शादी से पहले काजल का चयन दिल्ली पुलिस की कमांडो यूनिट में हो गया था, जबकि अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क था। दंपती का एक डेढ़ साल का बच्चा भी है।
परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही काजल को कार और दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। मारपीट और मानसिक दबाव से परेशान काजल 2024 में दिल्ली में रहने लगी लेकिन वहां भी पति की प्रताड़ना जारी रही। 22 जनवरी को अंकुर ने डंबल से सिर पर कई वार करके काजल की हत्या कर दी।
परिजनों के अनुसार अंकुर ने दिल्ली पुलिस में सिपाही के रूप में कार्यरत काजल के बड़े भाई निखिल को फोन करके हत्या के बारे में बताया। परिजनों ने पहुंचने के बाद हालात देखे और और दिल्ली पुलिस को शिकायत दी।
बुधवार को दिल्ली पुलिस ने राजकीय सम्मान के साथ काजल का अंतिम संस्कार करा दिया। उधर, काजल के पिता राकेश का कहना है कि बेटी चार माह की गर्भवती थी। आरोपी ने उनकी बेटी के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की भी जान ले ली।