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हथकरघा संस्कृति की पहचान : कुलपति प्रो. सुदेश
Fri, 07 Aug 2026 09:06 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 07 Aug 2026 09:06 PM IST
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गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के बीपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड लाइफ साइंसेज में राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया गया। छात्राओं को स्वदेशी वस्त्रों के उपयोग के लिए प्रेरित भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. सुदेश ने दीप जलाकर किया। कहा कि हथकरघा परंपरा सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने छात्राओं से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की। इससे परंपरा सुरक्षित रहेगी और लाखों बुनकर परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। गृहविज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. संतोष हुड्डा ने विभिन्न राज्यों की हथकरघा परंपराओं की जानकारी दी। उन्होंने कांजीवरम सिल्क, पटोला साड़ी और बनारसी साड़ी जैसी प्रसिद्ध शैलियों का उल्लेख किया।
हैंडलूम प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। इसमें विभिन्न राज्यों के सूती, रेशमी, ऊनी और जूट से बने वस्त्र प्रदर्शित किए गए। कुलपति प्रो. सुदेश ने डॉ. अनीता अटवाल और डॉ. संतोष हुड्डा की पुस्तक गृहविज्ञान : एक बहुविषयक दृष्टिकोण का विमोचन किया। डॉ. श्रीलेखा चौबे ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि डॉ. नीतिका ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. सुदेश ने दीप जलाकर किया। कहा कि हथकरघा परंपरा सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने छात्राओं से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की। इससे परंपरा सुरक्षित रहेगी और लाखों बुनकर परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। गृहविज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. संतोष हुड्डा ने विभिन्न राज्यों की हथकरघा परंपराओं की जानकारी दी। उन्होंने कांजीवरम सिल्क, पटोला साड़ी और बनारसी साड़ी जैसी प्रसिद्ध शैलियों का उल्लेख किया।
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हैंडलूम प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। इसमें विभिन्न राज्यों के सूती, रेशमी, ऊनी और जूट से बने वस्त्र प्रदर्शित किए गए। कुलपति प्रो. सुदेश ने डॉ. अनीता अटवाल और डॉ. संतोष हुड्डा की पुस्तक गृहविज्ञान : एक बहुविषयक दृष्टिकोण का विमोचन किया। डॉ. श्रीलेखा चौबे ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि डॉ. नीतिका ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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