पहले दिन 25 फीसदी बच्चे पहुंचे क-ख-ग सीखने

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 12:35 AM IST

सार

कोरोना महामारी के बाद सरकार ने प्रदेश में शैक्षणिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए 16 जुलाई को 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोले थे। स्थिति सामान्य रहने पर 23 जुलाई से 6 से 8वीं तक के स्कूलों को खोल दिया गया था।
पहले दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को पढ़ाते अध्यापक। संवाद
पहले दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को पढ़ाते अध्यापक। संवाद - फोटो : Sonipat
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विस्तार

प्रदेश सरकार के निर्देश से मिलने के बाद करीब डेढ़ साल बाद सभी कक्षाओं के लिए स्कूल खुल गए। हालांकि अभी स्कूलों में 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ ही पढ़ाई करवाने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को पहली से तीसरी कक्षा के लिए खुले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही। पहले दिन महज 25 फीसदी विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी।
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कोरोना महामारी के बाद सरकार ने प्रदेश में शैक्षणिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए 16 जुलाई को 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोले थे। स्थिति सामान्य रहने पर 23 जुलाई से 6 से 8वीं तक के स्कूलों को खोल दिया गया था। इसी कड़ी में 1 सितंबर को चौथी-पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति दी गई थी, अब पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुल गए हैं।


अध्यापकों व स्टाफ के लिए स्कूल समय एक घंटा बढ़ाया
शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में अध्यापकों व स्टाफ सदस्यों के लिए स्कूल में रहने का समय एक घंटा बढ़ा दिया है। अध्यापकों व स्टाफ के लिए सुबह स्कूल आने का समय पहले की भांति सुबह 8:30 बजे का ही रहेगा, लेकिन जाने का समय दोपहर 12:30 बजे से बढ़ाकर 1:30 बजे कर दिया है, जबकि विद्यार्थियों के लिए निर्धारित सुबह 9 से 12 बजे तक के समय में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी ने चार स्कूलों का किया औचक निरीक्षण
स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां व कोरोना नियमों के पालन की जांच करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्रोमिला भारद्वाज ने टीम के साथ गोहाना खंड के बरोदा, छपरा, बिधल व आहुलाना स्थित स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। जो कमियां दिखीं, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। बिधल में बच्चों की संख्या बेहतर मिली।

यह बोले अभिभावक
कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद होने के बाद से बच्चे पढ़ाई में बहुत कमजोर हो गए थे। छोटे बच्चों के लिए भी अब स्कूल खुल गए हैं। अब अच्छे से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
- मनीषा, गढ़ी घसीटा
लॉकडाउन लगने के बाद से बच्चे घर पर ही थे। बच्चों का पूरा दिन शरारत में ही बीतता था। पढ़ाई के नाम पर थोड़ी देर में करता हूं, यह कहते थे। जो आता था, वो भी भूल गए थे।
- लाजवंती, देव नगर
शिक्षा विभाग ने कोरोना महामारी में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रखने का भरसक प्रयास किया। ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवाई, लेकिन ऑनलाइन माध्यम तो बस मजबूरी है। अब स्कूल खुलने के बाद पढ़ाई पटरी पर लौटेगी।
- सुनील, विकास नगर


प्रदेश सरकार से अनुमति के बाद सोमवार से पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुल गए हैं। पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रही। सभी स्कूलों को कोरोना नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी। आगामी दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी। कुछ स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया, वहां व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। - प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत

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