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Sonipat News: एक सप्ताह की देरी से पहुंचे एसआईआर के नोटिस, वितरण आज से
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खरखौदा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं को दिए जाने वाले नोटिस जिले में करीब एक सप्ताह की देरी से पहुंचे हैं। एक अगस्त को बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को मिलने वाले नोटिस वीरवार को जिले में पहुंचे। कई बीएलओ को यह नोटिस शनिवार को मिला। अब इनका वितरण और मतदाताओं की सुनवाई रविवार से शुरू होगी।
इस देरी के कारण बीएलओ के सामने कम समय में बड़ी संख्या में नोटिस वितरित करने की चुनौती है। उन्हें नोटिस बांटने के साथ ऑनलाइन प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। इसमें संबंधित मतदाता का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना और फोटो लेना शामिल है। मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर जरूरी दस्तावेज और प्रमाण लेकर सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) के समक्ष पेश होना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों की दूरी और भौगोलिक परिस्थितियां चुनौती बढ़ा रही हैं।
एईआरओ की तैनाती पर सवाल
ग्रामीण क्षेत्रों में एईआरओ की तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई मामलों में एक गांव के एईआरओ को करीब आठ किलोमीटर दूर दूसरे गांव में बैठाया गया है। इससे ग्रामीण मतदाताओं को सुनवाई के लिए पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
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वर्जन
जिस मतदाता को नोटिस मिला है वह अपने बूथ पर जाकर बीएलओ को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा सकता है। बीएलओ दस्तावेजों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन एईआरओ को भेज देगा। यदि इसके बाद भी किसी मामले में आपत्ति रहती है तो एईआरओ की ओर से दोबारा संबंधित मतदाता से जवाब मांगा जाएगा। जिस गांव में स्कूल के प्राचार्य उपलब्ध थे उन्हें उसी गांव का एईआरओ नियुक्त किया गया है।
श्रीकृष्ण, चुनाव कानूनगो
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इस देरी के कारण बीएलओ के सामने कम समय में बड़ी संख्या में नोटिस वितरित करने की चुनौती है। उन्हें नोटिस बांटने के साथ ऑनलाइन प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। इसमें संबंधित मतदाता का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना और फोटो लेना शामिल है। मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर जरूरी दस्तावेज और प्रमाण लेकर सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) के समक्ष पेश होना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों की दूरी और भौगोलिक परिस्थितियां चुनौती बढ़ा रही हैं।
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एईआरओ की तैनाती पर सवाल
ग्रामीण क्षेत्रों में एईआरओ की तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई मामलों में एक गांव के एईआरओ को करीब आठ किलोमीटर दूर दूसरे गांव में बैठाया गया है। इससे ग्रामीण मतदाताओं को सुनवाई के लिए पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
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जिस मतदाता को नोटिस मिला है वह अपने बूथ पर जाकर बीएलओ को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा सकता है। बीएलओ दस्तावेजों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन एईआरओ को भेज देगा। यदि इसके बाद भी किसी मामले में आपत्ति रहती है तो एईआरओ की ओर से दोबारा संबंधित मतदाता से जवाब मांगा जाएगा। जिस गांव में स्कूल के प्राचार्य उपलब्ध थे उन्हें उसी गांव का एईआरओ नियुक्त किया गया है।
श्रीकृष्ण, चुनाव कानूनगो