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गर्भवती महिलाओं के लिए लगाया विशेष योग शिविर: डॉ. सन्नी
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 30 Apr 2026 02:28 AM IST
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पीएचसी पुरखास में गर्भवती महिलाओं को योग का प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक। विभाग
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सोनीपत। आयुष विभाग और योग आयोग के अंतर्गत 12वें विश्व योग दिवस को सफल बनाने के लिए योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राम अवतार के मार्गदर्शन में पीएचसी पुरखास में डॉ. सन्नी के साथ आयुष योग सहायक जीत राम ने गर्भवती महिलाओं के लिए योग शिविर का आयोजन किया।
शिविर में 55 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। योग शिक्षक ने गर्भावस्था से पूर्व और गर्भावस्था के बाद के विशेष सूक्ष्म व्यायाम कलाई, कोहनी, कंधे, टखने, घुटने, जांघें व कमर के लिए बताए। साथ ही ताड़ासन, वृक्षासन, वीरासन, भद्रासन, वज्रासन व शवासन करने का प्रशिक्षण दिया।
शिविर के दौरान अनुलोम-विलोम, शीतली, सीत्कारी, भ्रामरी व प्रणव भी कराए गए। योग शिक्षक ने महिलाओं को बताया कि यौगिक क्रियाएं करने से माता और गर्भ में शिशु पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और प्रसव पीड़ा से भी मुक्ति मिलती है।
क्योंकि योगाभ्यास करने से मांसपेशियों में ऊर्जा और लचक बढ़ती है। ध्यान का अभ्यास करने से शारीरिक स्थिति का अवलोकन करने से भय और संशय दूर होता है।
डॉ. सन्नी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान खान पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसमें कैल्शियम, लौह, विटामिन व प्रोटीन आदि पोषक तत्व विद्यमान होने चाहिए।
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शिविर में 55 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। योग शिक्षक ने गर्भावस्था से पूर्व और गर्भावस्था के बाद के विशेष सूक्ष्म व्यायाम कलाई, कोहनी, कंधे, टखने, घुटने, जांघें व कमर के लिए बताए। साथ ही ताड़ासन, वृक्षासन, वीरासन, भद्रासन, वज्रासन व शवासन करने का प्रशिक्षण दिया।
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शिविर के दौरान अनुलोम-विलोम, शीतली, सीत्कारी, भ्रामरी व प्रणव भी कराए गए। योग शिक्षक ने महिलाओं को बताया कि यौगिक क्रियाएं करने से माता और गर्भ में शिशु पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और प्रसव पीड़ा से भी मुक्ति मिलती है।
क्योंकि योगाभ्यास करने से मांसपेशियों में ऊर्जा और लचक बढ़ती है। ध्यान का अभ्यास करने से शारीरिक स्थिति का अवलोकन करने से भय और संशय दूर होता है।
डॉ. सन्नी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान खान पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसमें कैल्शियम, लौह, विटामिन व प्रोटीन आदि पोषक तत्व विद्यमान होने चाहिए।
