{"_id":"6a72405196fb4fb2960c6dab","slug":"waterlogging-brings-roadways-electric-buses-to-a-halt-two-break-down-mid-route-sonipat-news-c-198-1-rew1001-243044-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: जलभराव से रोडवेज की इलेक्ट्रिक बसों के पहिए थमे, दो रास्ते में हुईं बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: जलभराव से रोडवेज की इलेक्ट्रिक बसों के पहिए थमे, दो रास्ते में हुईं बंद
विज्ञापन
जलभराव के कारण बस स्टैंड पर खड़ी इलेक्ट्रिक बसें। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। लगातार बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव का असर हरियाणा रोडवेज की इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर पड़ा। बिठवाना और साबन चौक के पास दो इलेक्ट्रिक बसें रास्ते में बंद हो गईं।
इसके बाद एहतियात के तौर पर अधिकांश इलेक्ट्रिक बसों का संचालन रोककर उनकी जगह बावल रूट समेत प्रभावित मार्गों पर डीजल बसें चलाई गईं। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर गया था। बिठवाना के पास जलभराव वाले हिस्से से गुजरते समय एक इलेक्ट्रिक बस के बैटरी सिस्टम में पानी पहुंचने की आशंका के चलते बस बीच रास्ते में ही बंद हो गई।
इसी तरह साबन चौक के पास भी दूसरी बस तकनीकी खराबी के कारण रुक गई। सूचना मिलने पर तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और बसों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
विज्ञापन
घटना के बाद रोडवेज अधिकारियों ने एहतियात बरतते हुए गहरे जलभराव वाले मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें नहीं चलाने का निर्णय लिया। दिनभर अधिकांश इलेक्ट्रिक बसें बस स्टैंड परिसर में खड़ी रहीं। बावल सहित अन्य प्रभावित रूटों पर साधारण बसों का संचालन कराया गया।
चालकों का कहना है कि जलभराव वाली सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जोखिम भरा हो सकता है। बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक पानी पहुंचने से तकनीकी खराबी आने की आशंका रहती है।
इसी कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्गों पर सावधानी बरती जा रही है।
विज्ञापन
इसके बाद एहतियात के तौर पर अधिकांश इलेक्ट्रिक बसों का संचालन रोककर उनकी जगह बावल रूट समेत प्रभावित मार्गों पर डीजल बसें चलाई गईं। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर गया था। बिठवाना के पास जलभराव वाले हिस्से से गुजरते समय एक इलेक्ट्रिक बस के बैटरी सिस्टम में पानी पहुंचने की आशंका के चलते बस बीच रास्ते में ही बंद हो गई।
विज्ञापन
इसी तरह साबन चौक के पास भी दूसरी बस तकनीकी खराबी के कारण रुक गई। सूचना मिलने पर तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और बसों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
विज्ञापन
घटना के बाद रोडवेज अधिकारियों ने एहतियात बरतते हुए गहरे जलभराव वाले मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें नहीं चलाने का निर्णय लिया। दिनभर अधिकांश इलेक्ट्रिक बसें बस स्टैंड परिसर में खड़ी रहीं। बावल सहित अन्य प्रभावित रूटों पर साधारण बसों का संचालन कराया गया।
चालकों का कहना है कि जलभराव वाली सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जोखिम भरा हो सकता है। बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक पानी पहुंचने से तकनीकी खराबी आने की आशंका रहती है।
इसी कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्गों पर सावधानी बरती जा रही है।