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विश्वासघात की वारदात : घर की चौखट के भीतर पनपी लूट की साजिश
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मधु कॉलोनी में कारोबारी के घर पर हुई चोरी की निशानदेही कराने पहुंची पुलिस टीम। संवाद
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यमुनानगर। मधु कॉलोनी की जिस कोठी में वर्षों से भरोसे और सुरक्षा का माहौल था, वहीं से एक ऐसी साजिश ने जन्म लिया, जिसने कारोबारी प्रवीण गर्ग और उनके परिवार को दहला दिया। ढाई साल पहले हुई लूट की इस वारदात में अब जो सच सामने आया है, वह रिश्तों और विश्वास पर गहरा सवाल खड़ा करता है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरी लूट की पटकथा घर में काम करने वाले नेपाली नौकर ने ही लिखी थी, जिसने मालिक के विश्वास को ही हथियार बना लिया।
आर्थिक अपराध शाखा की जांच में सामने आया कि आरोपी भरत, जिसका असली नाम हरी बोहरा उर्फ हरीश उर्फ हीनू है, लंबे समय से कारोबारी की कोठी में काम कर रहा था। रोजमर्रा की दिनचर्या, घर के कमरों की बनावट, आने-जाने के रास्ते और सुरक्षा की कमजोर कड़ियां सब कुछ उसकी नजर में था। इसी जानकारी के सहारे उसने अपने साथियों को तैयार किया और लूट की योजना बनाई।
13 जून 2023 की रात कोठी में जो हुआ, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। आरोपी अपने साथियों के साथ घर में घुसे, हथियारों के बल पर कारोबारी को बंधक बनाया, हाथ-पैर बांधे और मारपीट करते हुए लाखों की लूट को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग शहरों में छिपते रहे और मामला समय के साथ ठंडे बस्ते में जाता नजर आने लगा।
हालांकि आर्थिक अपराध शाखा ने इस केस को छोड़ा नहीं। देश के अन्य हिस्सों में इसी तरह की वारदातों के पैटर्न सामने आने के बाद पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए। तकनीकी जांच और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस की कड़ी पुणे तक जा पहुंची। वहां से मुख्य आरोपी भरत और उसके साथी विशाल को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर यमुनानगर लाकर मधु कॉलोनी में मौका-ए-वारदात की निशानदेही कराई गई। पीड़ित कारोबारी ने भी अपने पूर्व नौकर की पहचान कर ली। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े गिरोह तक पहुंचने की शुरुआत है। अब जांच की अगली कड़ी में फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है, ताकि इस विश्वासघात की पूरी परतें सामने लाई जा सकें।
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आर्थिक अपराध शाखा की जांच में सामने आया कि आरोपी भरत, जिसका असली नाम हरी बोहरा उर्फ हरीश उर्फ हीनू है, लंबे समय से कारोबारी की कोठी में काम कर रहा था। रोजमर्रा की दिनचर्या, घर के कमरों की बनावट, आने-जाने के रास्ते और सुरक्षा की कमजोर कड़ियां सब कुछ उसकी नजर में था। इसी जानकारी के सहारे उसने अपने साथियों को तैयार किया और लूट की योजना बनाई।
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13 जून 2023 की रात कोठी में जो हुआ, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। आरोपी अपने साथियों के साथ घर में घुसे, हथियारों के बल पर कारोबारी को बंधक बनाया, हाथ-पैर बांधे और मारपीट करते हुए लाखों की लूट को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग शहरों में छिपते रहे और मामला समय के साथ ठंडे बस्ते में जाता नजर आने लगा।
हालांकि आर्थिक अपराध शाखा ने इस केस को छोड़ा नहीं। देश के अन्य हिस्सों में इसी तरह की वारदातों के पैटर्न सामने आने के बाद पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए। तकनीकी जांच और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस की कड़ी पुणे तक जा पहुंची। वहां से मुख्य आरोपी भरत और उसके साथी विशाल को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर यमुनानगर लाकर मधु कॉलोनी में मौका-ए-वारदात की निशानदेही कराई गई। पीड़ित कारोबारी ने भी अपने पूर्व नौकर की पहचान कर ली। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े गिरोह तक पहुंचने की शुरुआत है। अब जांच की अगली कड़ी में फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है, ताकि इस विश्वासघात की पूरी परतें सामने लाई जा सकें।