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Yamuna Nagar News: शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार ने दिलाया राज्य शिक्षक पुरस्कार

Fri, 28 Aug 2026 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 28 Aug 2026 01:37 AM IST
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Commitment to social causes alongside education earned the State Teacher Award
पवन कुमार कश्यप। 
संवाद न्यूज एजेंसी
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व्यासपुर। जिले में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में आखिरकार 14 वर्षों से चला आ रहा सूखा समाप्त हो गया है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास में कार्यरत जेबीटी शिक्षक पवन कुमार कश्यप को राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है। उन्हें यह पुरस्कार शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार ने दिलाया है।
जिले के किसी जेबीटी शिक्षक को 14 साल के लंबे अंतराल के बाद यह प्रतिष्ठित राज्य पुरस्कार मिला है। इससे पूर्व वर्ष 2012 में देवधर गांव के जयकुमार रोहिला को इस सम्मान से नवाजा गया था। राज्यपाल शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में पवन कुमार को एक लाख रुपये की नकद राशि, पदक, दो एडवांस इंक्रीमेंट और शॉल भेंट कर सम्मानित करेंगे।
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मूल रूप से व्यासपुर निवासी पवन ने अपने शैक्षणिक सफर की शुरुआत वर्ष 2000 में की थी। उन्होंने 2016 तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला फेरुवाला में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दीं और पिछले 10 वर्षों से वे मिल्क खास प्राथमिक स्कूल में तैनात हैं। उनके अनवरत प्रयासों के चलते विद्यालय ने मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण प्रतियोगिता में खंड एवं जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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इसके अलावा स्कूल की प्रिंट-रिच गतिविधियों ने भी जिला और राज्य स्तर पर दो बार पहला स्थान हासिल किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाने में सफलता पाई, वहीं हिंदी पखवाड़ा क्विज, सांस्कृतिक व अन्य शैक्षणिक प्रतियोगिताओं, मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण में भी जिला और राज्य स्तर पर बाजी मारी।
निपुण हरियाणा मिशन में उनका योगदान सराहनीय रहा है। निपुण प्रदर्शनी, निपुण बाल रामलीला, निपुण रिपोर्टर और कपालमोचन मेले की प्रदर्शनियों के जरिये उन्होंने बच्चों के भाषाई, गणितीय व रचनात्मक कौशल को नई दिशा दी। पवन कुमार केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने सामाजिक उत्तरदायित्वों को भी पूरी निष्ठा से निभाया।
वर्ष 2015 में फेरुवाला स्कूल से रक्तदान शिविर की शुरुआत करने वाले पवन कुमार अब तक 16 रक्तदान शिविर आयोजित करवा चुके हैं और स्वयं 15 बार रक्तदान कर चुके हैं। स्काउट एवं गाइड से जुड़कर वे बच्चों में अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के संस्कार बो रहे हैं। वे गतिविधि व खेल-आधारित शिक्षा पर जोर देते हैं, ताकि बच्चे व्यावहारिक रूप से सीख सकें। प्रिंसिपल कर्म सिंह राठी का कहना है कि पवन कुमार का समर्पण, नवाचार और सेवाभाव ही उनकी असली पहचान है।

गतिविधि और आधारित शिक्षण पद्धति : पवन
शिक्षक पवन कुमार का कहना है कि शिक्षण पद्धति की विशेषता गतिविधि एवं खेल-आधारित शिक्षण है। उनका प्रयास रहता है कि बच्चे केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि गतिविधियों, प्रयोगों, खेलों और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से सीखें। इसी सोच के चलते विद्यालय में विभिन्न नवाचारी गतिविधियों को नियमित रूप से अपनाया जाता है।
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