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Yamuna Nagar News: अवैध कॉलोनियों में सर्वे के समय मौजूद रहेंगे पार्षद
Wed, 09 Sep 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:48 AM IST
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अधिकारियों के साथ बैठक करतीं मेयर व निगम आयुक्त। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। वर्ष 1996 में तकनीकी त्रुटि के कारण अनअप्रूव्ड श्रेणी में रह गईं कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया अब तेज होने की उम्मीद है। नगर निगम की ओर से 64 कॉलोनियों की सीमा निर्धारण के लिए चलाए जा रहे सर्वे में अब संबंधित वार्डों के पार्षद सर्वे टीम के साथ मौके पर रहकर अधिकारियों का सहयोग करेंगे।
मेयर सुमन बहमनी और निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने मंगलवार को अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक कर सर्वे की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिला नगर योजनाकार, सहायक नगर योजनाकार, भवन निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि कई कॉलोनियों में संपत्ति मालिक आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
ऐसे में संबंधित पार्षदों को भी सर्वे प्रक्रिया से जोड़ा गया है, ताकि लोगों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए जागरूक किया जा सके और मौके की स्थिति स्पष्ट हो सके। निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने सर्वे में लगे अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक सप्ताह तक अन्य कार्यों को छोड़कर सीमा निर्धारण के सर्वे को प्राथमिकता दें।
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वर्ष 1996 से पहले बने मकानों से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। इनमें प्रॉपर्टी कर की रसीद, स्वीकृत बिल्डिंग प्लान, डेवलपमेंट चार्ज की रसीद, बिजली बिल, राशन कार्ड और वोटर कार्ड आदि शामिल हैं। आयुक्त ने बताया कि वर्ष 1996 की अधिसूचना के तहत यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में 76 कॉलोनियां थीं। इनमें 54 जगाधरी और 22 यमुनानगर क्षेत्र में थीं।
12 कॉलोनियां पहले ही नियमित हो चुकी हैं। शेष 64 कॉलोनियों की सीमा निर्धारित करने के लिए विशेष समितियां सर्वे कर रही हैं। इन समितियों में सहायक नगर योजनाकार, प्लानिंग एक्सपर्ट, भवन निरीक्षक और जेई शामिल हैं। पहले नियमित हो चुकी 12 कॉलोनियों में शिव नगर, महावीर कॉलोनी, गुलाब पार्क, लक्ष्मी कॉलोनी, विष्णु गार्डन, चनेटी रोड स्थिति ग्रीन विहार के पास की कॉलोनी, विजय नगर एक्सटेंशन-2 व 3, भारत सेवक नगर साउथ, भागीरथ कॉलोनी, बसंत नगर, दुर्गा नगर और श्री शिव शंकर नगर शामिल हैं।
पार्षद बताएंगे वास्तविक स्थिति
सर्वे में पार्षदों को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य कॉलोनियों की वास्तविक सीमा और मौके की स्थिति को बेहतर तरीके से समझना है। कई जगह गलियों, मकानों या खाली प्लॉटों की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण सीमा निर्धारण में दिक्कत आती है। संबंधित वार्ड का पार्षद स्थानीय स्थिति से परिचित होने के कारण अधिकारियों को सही जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। इससे सर्वे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट में त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। उन्होंने अधिकारियों को सर्वे जल्द पूरा कर नियमितीकरण की रिपोर्ट निदेशालय को भेजने का निर्देश दिया।
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यमुनानगर। वर्ष 1996 में तकनीकी त्रुटि के कारण अनअप्रूव्ड श्रेणी में रह गईं कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया अब तेज होने की उम्मीद है। नगर निगम की ओर से 64 कॉलोनियों की सीमा निर्धारण के लिए चलाए जा रहे सर्वे में अब संबंधित वार्डों के पार्षद सर्वे टीम के साथ मौके पर रहकर अधिकारियों का सहयोग करेंगे।
मेयर सुमन बहमनी और निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने मंगलवार को अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक कर सर्वे की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिला नगर योजनाकार, सहायक नगर योजनाकार, भवन निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि कई कॉलोनियों में संपत्ति मालिक आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
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ऐसे में संबंधित पार्षदों को भी सर्वे प्रक्रिया से जोड़ा गया है, ताकि लोगों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए जागरूक किया जा सके और मौके की स्थिति स्पष्ट हो सके। निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने सर्वे में लगे अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक सप्ताह तक अन्य कार्यों को छोड़कर सीमा निर्धारण के सर्वे को प्राथमिकता दें।
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वर्ष 1996 से पहले बने मकानों से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। इनमें प्रॉपर्टी कर की रसीद, स्वीकृत बिल्डिंग प्लान, डेवलपमेंट चार्ज की रसीद, बिजली बिल, राशन कार्ड और वोटर कार्ड आदि शामिल हैं। आयुक्त ने बताया कि वर्ष 1996 की अधिसूचना के तहत यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में 76 कॉलोनियां थीं। इनमें 54 जगाधरी और 22 यमुनानगर क्षेत्र में थीं।
12 कॉलोनियां पहले ही नियमित हो चुकी हैं। शेष 64 कॉलोनियों की सीमा निर्धारित करने के लिए विशेष समितियां सर्वे कर रही हैं। इन समितियों में सहायक नगर योजनाकार, प्लानिंग एक्सपर्ट, भवन निरीक्षक और जेई शामिल हैं। पहले नियमित हो चुकी 12 कॉलोनियों में शिव नगर, महावीर कॉलोनी, गुलाब पार्क, लक्ष्मी कॉलोनी, विष्णु गार्डन, चनेटी रोड स्थिति ग्रीन विहार के पास की कॉलोनी, विजय नगर एक्सटेंशन-2 व 3, भारत सेवक नगर साउथ, भागीरथ कॉलोनी, बसंत नगर, दुर्गा नगर और श्री शिव शंकर नगर शामिल हैं।
पार्षद बताएंगे वास्तविक स्थिति
सर्वे में पार्षदों को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य कॉलोनियों की वास्तविक सीमा और मौके की स्थिति को बेहतर तरीके से समझना है। कई जगह गलियों, मकानों या खाली प्लॉटों की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण सीमा निर्धारण में दिक्कत आती है। संबंधित वार्ड का पार्षद स्थानीय स्थिति से परिचित होने के कारण अधिकारियों को सही जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। इससे सर्वे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट में त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। उन्होंने अधिकारियों को सर्वे जल्द पूरा कर नियमितीकरण की रिपोर्ट निदेशालय को भेजने का निर्देश दिया।