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Yamuna Nagar News: बुग्गी झोटा पर गेहूं बेचने आए किसान का नहीं काटा गेट पास
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 09 Apr 2026 03:21 AM IST
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व्यासपुर अनाज मंडी में झोटा बुग्गी पर गेहूं के कट्टे लेकर पहुंचे किसान। स्वयं
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व्यासपुर। अनाज मंडी व्यासपुर में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया जब दरियापुर गांव के किसान प्रगट सिंह अपनी गेहूं की फसल बेचने के लिए झोटा बुग्गी पर अनाज लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन मंडी गेट नंबर एक पर मौजूद कर्मचारियों ने उनका गेट पास काटने से इंकार कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि पोर्टल पर केवल ट्रैक्टर के नंबर के आधार पर ही गेट पास जारी किया जा रहा है, जिस कारण झोटा बुग्गी से आए किसान का गेट पास नहीं काटा जाएगा। इस बात से नाराज होकर किसान ने मौके पर मौजूद अन्य किसानों को जानकारी दी। कुछ ही देर में भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के नेता सतेंद्र सिंह फेरुवाला अपने साथियों के साथ अनाज मंडी व्यासपुर पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्या सुनने के बाद मंडी गेट पर पहुंचकर कर्मचारियों से बात की और किसान को तुरंत गेट पास जारी करने की मांग की।
कर्मचारियों की ओर से समस्या का समाधान नहीं किए जाने पर किसान यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों ने मंडी गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी और मार्केट कमेटी के सचिव को मौके पर बुलाने की मांग की। करीब एक घंटे तक किसान मंडी गेट पर ही डटे रहे और लगातार अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। किसान नेताओं कांशीराम पीरूवाला, सुरेन्द्र शर्मा मलिकपुर बांगर, महेंद्र आर्य चबुतरो, भहीर सिंह पूर्व सरपंच, सतेंद्र सिंह फेरुवाला ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप था कि कई छोटे किसान आज भी झोटा बुग्गी या अन्य साधनों से अपनी फसल मंडी तक लेकर आते हैं, लेकिन पोर्टल की तकनीकी शर्तों के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद मार्केट कमेटी कार्यालय के कर्मचारी मंडी गेट पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जाकर ट्रैक्टर के अलावा अन्य विकल्प का चयन करते हुए किसान प्रगट सिंह का गेट पास जारी किया। गेट पास जारी होने के बाद किसान अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी के अंदर बिक्री के लिए पहुंचा, जिससे मौके पर मौजूद किसानों को कुछ राहत मिली। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें परेशान करने का काम कर रही हैं। सरकार को तुरंत मंडियों में लागू की गई उन शर्तों को खत्म करना चाहिए जिनसे किसानों को अनावश्यक परेशानी हो रही है। वर्तमान में नमी की सीमा 12 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो किसानों के लिए व्यावहारिक नहीं है। मौसम में बदलाव और कई अन्य कारणों के चलते फसल में नमी का स्तर अधिक हो सकता है, इसलिए इसे बढ़ाकर कम से कम 17 प्रतिशत किया जाना चाहिए। संवाद
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व्यासपुर अनाज मंडी में झोटा बुग्गी पर गेहूं के कट्टे लेकर पहुंचे किसान। स्वयं
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