Cyber Police Advisory: शुभकामनाओं में छिपा है साइबर जाल, एक फाइल से खाली हो सकता है आपका बैंक खाता
15 अगस्त से पहले लोगों के मोबाइल पर देशभक्ति से जुड़े संदिग्ध लिंक और एपीके फाइलें भेजी जा रही हैं। इन फाइलों को खोलने या एप डाउनलोड करने पर निजी और बैंकिंग जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
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साइबर ठग स्वतंत्रता दिवस के जश्न को ठगी का नया हथियार बना रहे हैं। 15 अगस्त से पहले लोगों के मोबाइल पर देशभक्ति से जुड़े संदिग्ध लिंक और एपीके फाइलें भेजी जा रही हैं। इन फाइलों को खोलने या एप डाउनलोड करने पर निजी और बैंकिंग जानकारी खतरे में पड़ सकती है। साइबर पुलिस के अनुसार, ठग ऐसे अवसरों का उपयोग लोगों का भरोसा जीतने के लिए करते हैं। वे व्हाट्सएप, एसएमएस और सोशल मीडिया के माध्यम से ये संदिग्ध लिंक या एपीके फाइलें भेजते हैं।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने ये कहा
उपयोगकर्ता के इन्हें इंस्टॉल करते ही अपराधियों को मोबाइल की संवेदनशील गतिविधियों तक पहुंच मिल जाती है। इससे वे निजी जानकारी, ओटीपी और बैंकिंग विवरण हासिल कर आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने अनजान एपीके फाइल इंस्टॉल न करने और संदिग्ध वेब लिंक पर क्लिक करने से बचने की अपील की है। किसी भी सूचना की पुष्टि संबंधित सरकारी विभाग या उसके आधिकारिक पोर्टल से ही करें। ठग अक्सर मुफ्त उपहार या इनाम का झांसा देकर लिंक पर क्लिक करवाते हैं। ऐसे संदेशों के बजाय आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जांचना सुरक्षित है।
गोपनीय जानकारी साझा न करें
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी और नेट बैंकिंग के लॉगिन डिटेल किसी को न बताएं। बैंक या कोई वैध संस्था ऐसी गोपनीय जानकारी कभी नहीं मांगती। यदि एपीके इंस्टॉल होने के बाद मोबाइल असामान्य व्यवहार करे तो इसे नजरअंदाज न करें।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
गलती से संदिग्ध एपीके इंस्टॉल होने पर तुरंत मोबाइल डेटा और वाई-फाई बंद करें। संदिग्ध एप को अनइंस्टॉल करें और बैंकिंग खातों के पासवर्ड बदलें। बैंक को तत्काल सूचित करें, खासकर यदि अनधिकृत लेनदेन हुआ हो। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। गृह मंत्रालय के पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।