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Bilaspur News: समोह ग्राम सेवा समिति के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े के मामले में दोनों आरोपियों की डिस्चार्ज अर्जी खारिज

Mon, 21 Sep 2026 12:18 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:18 AM IST
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Discharge applications of both accused rejected in the case of fraud involving Samoh Gram Seva Samiti records.
अदालत ने कहा- समिति का रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और एसएफएसएल जुंगा की रिपोर्ट से प्रथम दृष्टया बनता है मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। समोह ग्राम सेवा समिति के रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़े के मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी। एसीजेएम कोर्ट नंबर-1 घुमारवीं, कैंप बिलासपुर की अदालत ने कहा कि पुलिस की ओर से कब्जे में लिया गया समिति का रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और एसएफएसएल जुंगा की रिपोर्ट से आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
डिस्चार्ज अर्जी में बचाव पक्ष ने आरोपियों को गलत तरीके से फंसाने की दलील दी। कहा गया कि समिति के पदाधिकारियों के साथ विवाद के चलते उन्हें मामले में शामिल किया गया। ऋण से संबंधित दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए बचाव पक्ष ने कहा कि कृषि कार्य के लिए ऋण का आवेदन किया गया था, लेकिन खाली हस्ताक्षर करवाने के बाद उसमें बस खरीदने के लिए ऋण लेने संबंधी विवरण दर्ज किया गया।
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एक अन्य दस्तावेज में कृषि उद्देश्य लिखे होने के बाद संबंधित हिस्से पर फ्लूड लगाकर अलग लिखावट और स्याही से एक लाख रुपये संबंधी विवरण दर्ज किए जाने का दावा किया गया। दस्तावेजों की विशेषज्ञ से जांच नहीं करवाने को लेकर पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए गए। म्यूटेशन के दौरान स्टांप शुल्क नहीं लिए जाने और पटवारी के उल्लेख को भी बचाव पक्ष ने कृषि उद्देश्य के पक्ष में तर्क बनाया।
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अभियोजन ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि जांच के दौरान रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने कहा कि आरोप तय करने के स्तर पर अभियोजन की सामग्री से प्रथम दृष्टया मामला बनना देखा जाता है, साक्ष्यों की विस्तृत विश्वसनीयता नहीं परखी जाती।

अदालत ने समिति का रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और एसएफएसएल जुंगा की रिपोर्ट को पर्याप्त आधार माना। दोनों आरोपियों की अर्जी खारिज कर मामले को 17 अक्तूबर 2026 को आगे की कार्रवाई के लिए पेश करने के आदेश दिए।
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