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Bilaspur News: शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का दिया प्रशिक्षण
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शिव शक्ति कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षक व अन्य। स्रोत:
शिव शक्ति कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित कार्यशाला में 60 अध्यापकों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिव शक्ति कॉन्वेंट स्कूल में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) पर आधारित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय और बाहरी स्कूलों के 60 अध्यापकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी नई शैक्षिक अवधारणाओं की जानकारी देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के प्रबंधक डॉ. श्रवण कुमार, प्रधानाचार्या निर्मला देवी और रिसोर्स पर्सन ने किया। प्रथम रिसोर्स पर्सन एसपी सिंह और द्वितीय रिसोर्स पर्सन राकेश कुमार ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
प्रशिक्षण के दौरान एनसीएफ, बाल-केंद्रित शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण और दक्षता आधारित अधिगम जैसे विषयों पर चर्चा की गई। शिक्षकों को प्रभावी पाठ्यचर्या तैयार करने और मूल्यांकन की नवीन पद्धतियों की जानकारी भी दी गई।
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इसके अलावा अंतर्विषयी शिक्षा, बहुभाषिकता, समावेशी शिक्षा, सतत विकास और डिजिटल तकनीक के उपयोग के बारे में बताया गया। विभिन्न गतिविधियों और विचार-विमर्श के माध्यम से शिक्षकों को पढ़ाई को अधिक रोचक और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे शिक्षकों को नई शैक्षिक अवधारणाओं को समझने और उन्हें कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिव शक्ति कॉन्वेंट स्कूल में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) पर आधारित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय और बाहरी स्कूलों के 60 अध्यापकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी नई शैक्षिक अवधारणाओं की जानकारी देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के प्रबंधक डॉ. श्रवण कुमार, प्रधानाचार्या निर्मला देवी और रिसोर्स पर्सन ने किया। प्रथम रिसोर्स पर्सन एसपी सिंह और द्वितीय रिसोर्स पर्सन राकेश कुमार ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
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प्रशिक्षण के दौरान एनसीएफ, बाल-केंद्रित शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण और दक्षता आधारित अधिगम जैसे विषयों पर चर्चा की गई। शिक्षकों को प्रभावी पाठ्यचर्या तैयार करने और मूल्यांकन की नवीन पद्धतियों की जानकारी भी दी गई।
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इसके अलावा अंतर्विषयी शिक्षा, बहुभाषिकता, समावेशी शिक्षा, सतत विकास और डिजिटल तकनीक के उपयोग के बारे में बताया गया। विभिन्न गतिविधियों और विचार-विमर्श के माध्यम से शिक्षकों को पढ़ाई को अधिक रोचक और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे शिक्षकों को नई शैक्षिक अवधारणाओं को समझने और उन्हें कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।