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Chamba News: जमने लगी डल झील, शिवलिंग पर छह इंच बर्फ
Sat, 24 Oct 2026 10:11 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 24 Oct 2026 10:11 PM IST
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ग्लेशियर पॉइंट से झील तक दो किमी रास्ता बर्फ से ढका, राधाष्टमी के बाद यात्रा जोखिम भरी
मौसम बदलते ही 13,500 फीट की ऊंचाई पर तेजी से आ रही है तापमान में गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। समुद्र तल से करीब 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र मणिमहेश डल झील जमने लगी है। झील का बड़ा हिस्सा जम चुका है, जबकि किनारे स्थित चतुर्मुखी शिवलिंग पर करीब छह इंच बर्फ जम गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में तेजी से बदलते मौसम और गिरते तापमान के बीच कैलाश यात्रा का रास्ता भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
शुक्रवार को डल झील पहुंचे संवाद न्यूज एजेंसी के प्रतिनिधि ने वहां बर्फ से ढके शिवलिंग और जमती झील का नजारा देखा। इस बार यात्रा के दौरान क्षेत्र में पांच से छह बार बर्फबारी हो चुकी है। ग्लेशियर पॉइंट से डल झील तक करीब दो किलोमीटर रास्ता बर्फ से ढक गया है। श्रद्धालुओं को इस हिस्से में बर्फ पर पैदल चलकर आगे बढ़ना पड़ रहा है। फिसलन, कड़ाके की ठंड और मौसम में अचानक बदलाव से मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बावजूद इसके श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। हड़सर से डल झील तक करीब 13 किलोमीटर के पैदल मार्ग पर धन्छौ में दो अस्थायी दुकानें अभी भी खुली हैं, जिनके दीपावली के बाद तक चलने की संभावना है।
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राधाष्टमी के बाद यात्रा में सावधानी जरूरी
राधाष्टमी के बाद मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस अवधि में यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। श्रद्धालुओं को मौसम की स्थिति और प्रशासन के निर्देशों की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए। आस्था के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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मौसम बदलते ही 13,500 फीट की ऊंचाई पर तेजी से आ रही है तापमान में गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। समुद्र तल से करीब 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र मणिमहेश डल झील जमने लगी है। झील का बड़ा हिस्सा जम चुका है, जबकि किनारे स्थित चतुर्मुखी शिवलिंग पर करीब छह इंच बर्फ जम गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में तेजी से बदलते मौसम और गिरते तापमान के बीच कैलाश यात्रा का रास्ता भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
शुक्रवार को डल झील पहुंचे संवाद न्यूज एजेंसी के प्रतिनिधि ने वहां बर्फ से ढके शिवलिंग और जमती झील का नजारा देखा। इस बार यात्रा के दौरान क्षेत्र में पांच से छह बार बर्फबारी हो चुकी है। ग्लेशियर पॉइंट से डल झील तक करीब दो किलोमीटर रास्ता बर्फ से ढक गया है। श्रद्धालुओं को इस हिस्से में बर्फ पर पैदल चलकर आगे बढ़ना पड़ रहा है। फिसलन, कड़ाके की ठंड और मौसम में अचानक बदलाव से मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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बावजूद इसके श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। हड़सर से डल झील तक करीब 13 किलोमीटर के पैदल मार्ग पर धन्छौ में दो अस्थायी दुकानें अभी भी खुली हैं, जिनके दीपावली के बाद तक चलने की संभावना है।
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राधाष्टमी के बाद यात्रा में सावधानी जरूरी
राधाष्टमी के बाद मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस अवधि में यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। श्रद्धालुओं को मौसम की स्थिति और प्रशासन के निर्देशों की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए। आस्था के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।