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Hamirpur (Himachal) News: बालयोगी की तपोस्थली में पलेंगी उन्नत किस्म की गायें
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 05 Apr 2026 01:03 AM IST
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सुशील शर्मा
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बालयोगी की तपोस्थली में देसी गाय के पालन को लेकर मंदिर न्यास ने पहली बार अपने कदम आगे बढ़ाए हैं। मंदिर न्यास जहां देसी गाय का पालन करेगा, वहीं इनके प्रजनन को लेकर भी कदम उठाए जाएंगे।
अगर मंदिर न्यास का यह कदम सफल रहता है तो बालयोगी की तपोस्थली में देसी गाय के पालन को बढ़ावा मिलेगा। मंदिर न्यास गिर और साहिवाल गाय का पालन गोसदन में करेगा। इसके साथ ही इनके प्रजनन को लेकर भी प्रयास करेगा। मंदिर न्यास ने देशी गाय के पालन को बढ़ावा देने के लिए तीन लाख रुपये का बजट रखा है।
अधिकारियों के अनुसार देसी गाय की कीमत 30 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक है। बता दें कि देसी गाय का दूध, घी का प्रयोग पूजा के लिए किया जाता है बल्कि इसके गोबर से बायोगैस, उपले और मूत्र से औषधियां तैयार की जाती हैं। इसके अलावा अब क्षेत्र में देशी गाय की मांग भी बढ़ती जा रही है।
ब्रिडिंग को लेकर भी मंदिर न्यास ने योजना तैयार करना शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार इसके लिए वैज्ञानिक विधि अपनाई जाएगी, ताकि उन्नत नस्ल की गाय का प्रजनन हो सके।
कोट :
मंदिर न्यास देसी गाय के पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए तीन लाख रुपये का बजट रखा है। अगर आवश्यकता होगी तो बजट को बढ़ाया जा सकता है। यहां पर ब्रिडिंग को लेकर भी योजना है। -केशव कुमार, मंदिर न्यास अधिकारी, दियोटसिद्ध
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दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बालयोगी की तपोस्थली में देसी गाय के पालन को लेकर मंदिर न्यास ने पहली बार अपने कदम आगे बढ़ाए हैं। मंदिर न्यास जहां देसी गाय का पालन करेगा, वहीं इनके प्रजनन को लेकर भी कदम उठाए जाएंगे।
अगर मंदिर न्यास का यह कदम सफल रहता है तो बालयोगी की तपोस्थली में देसी गाय के पालन को बढ़ावा मिलेगा। मंदिर न्यास गिर और साहिवाल गाय का पालन गोसदन में करेगा। इसके साथ ही इनके प्रजनन को लेकर भी प्रयास करेगा। मंदिर न्यास ने देशी गाय के पालन को बढ़ावा देने के लिए तीन लाख रुपये का बजट रखा है।
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अधिकारियों के अनुसार देसी गाय की कीमत 30 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक है। बता दें कि देसी गाय का दूध, घी का प्रयोग पूजा के लिए किया जाता है बल्कि इसके गोबर से बायोगैस, उपले और मूत्र से औषधियां तैयार की जाती हैं। इसके अलावा अब क्षेत्र में देशी गाय की मांग भी बढ़ती जा रही है।
ब्रिडिंग को लेकर भी मंदिर न्यास ने योजना तैयार करना शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार इसके लिए वैज्ञानिक विधि अपनाई जाएगी, ताकि उन्नत नस्ल की गाय का प्रजनन हो सके।
कोट :
मंदिर न्यास देसी गाय के पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए तीन लाख रुपये का बजट रखा है। अगर आवश्यकता होगी तो बजट को बढ़ाया जा सकता है। यहां पर ब्रिडिंग को लेकर भी योजना है। -केशव कुमार, मंदिर न्यास अधिकारी, दियोटसिद्ध