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Hamirpur (Himachal) News: बजट के लिए नगर निगम को ग्रांट का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:39 AM IST
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हमीरपुर। वित्तीय वर्ष शुरू होने के डेढ़ सप्ताह के बाद भी नगर निगम हमीरपुर अपना बजट पारित नहीं कर पाया है। नगर निगम को बजट बनाने के लिए ग्रांट का इंतजार है। नगर निगम को ग्रांट के रूप में करीब डेढ़ करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
अपना हाउस न होने के कारण बजट के निर्माण को लेकर नगर निगम कवायद शुरू नहीं कर पाया है। ग्रांट मिलने के बाद ही नगर निगम विकासात्मक कार्यों, कर्मचारियों के वेतन और अन्य कार्यों को लेकर कदम उठाएगा। चुनाव न होने के कारण नगर निगम बिना अध्यक्ष और पार्षदों के ही विकास के रथ को आगे धकेलने की कोशिश कर रहा है।
वहीं, बजट पारित न होने के कारण वर्तमान में नगर निगम केवल सीमित आय के साथ विकासात्मक कार्यों को अमलीजामा पहनाने में लगा हुआ है। वहीं, ग्रांट मिलने में करीब दो सप्ताह का समय लग सकता है, जिसके चलते बजट की रूपरेखा तैयार होने में समय लग सकता है। अपना हाउस न होने के कारण नगर निगम में आंशिक व पूर्ण रूप से जोड़ी गई पंचायतों में भी विकास का पहिया थम गया है, क्योंकि नगर निगम में शामिल होने के बाद पंचायतों का अस्तित्व खत्म हो गया है।
बता दें कि नगर परिषद के दौरान 11 वार्ड थे। नगर निगम बनने के बाद नई पंचायतों को जोड़कर चार नए वार्ड बनाए गए हैं और अब कुल 15 वार्ड हो गए हैं। चुनाव न होने के कारण इन वार्डों का नेतृत्व करने के लिए कोई पार्षद भी नहीं है।
ऐसे में वार्डों में कहां पर क्या-क्या विकास कार्य होंगे, यह भी तय नहीं हो पाएगा। अब देखना है कि नगर निगम को कब तक सरकार से ग्रांट मिलती है।
कोट :
नगर निगम को स्टेट हैड से ग्रांट मिलती है। यह डेढ़ करोड़ रुपये की राशि ग्रांट के रूप में मिलती है। ग्रांट मिलने के बाद ही बजट की रूपरेखा तय की जाएगी। उम्मीद है कि एक-दो सप्ताह के भीतर यह राशि नगर निगम को मिल जाएगी। -राकेश कुमार शर्मा, आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर
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अपना हाउस न होने के कारण बजट के निर्माण को लेकर नगर निगम कवायद शुरू नहीं कर पाया है। ग्रांट मिलने के बाद ही नगर निगम विकासात्मक कार्यों, कर्मचारियों के वेतन और अन्य कार्यों को लेकर कदम उठाएगा। चुनाव न होने के कारण नगर निगम बिना अध्यक्ष और पार्षदों के ही विकास के रथ को आगे धकेलने की कोशिश कर रहा है।
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वहीं, बजट पारित न होने के कारण वर्तमान में नगर निगम केवल सीमित आय के साथ विकासात्मक कार्यों को अमलीजामा पहनाने में लगा हुआ है। वहीं, ग्रांट मिलने में करीब दो सप्ताह का समय लग सकता है, जिसके चलते बजट की रूपरेखा तैयार होने में समय लग सकता है। अपना हाउस न होने के कारण नगर निगम में आंशिक व पूर्ण रूप से जोड़ी गई पंचायतों में भी विकास का पहिया थम गया है, क्योंकि नगर निगम में शामिल होने के बाद पंचायतों का अस्तित्व खत्म हो गया है।
बता दें कि नगर परिषद के दौरान 11 वार्ड थे। नगर निगम बनने के बाद नई पंचायतों को जोड़कर चार नए वार्ड बनाए गए हैं और अब कुल 15 वार्ड हो गए हैं। चुनाव न होने के कारण इन वार्डों का नेतृत्व करने के लिए कोई पार्षद भी नहीं है।
ऐसे में वार्डों में कहां पर क्या-क्या विकास कार्य होंगे, यह भी तय नहीं हो पाएगा। अब देखना है कि नगर निगम को कब तक सरकार से ग्रांट मिलती है।
कोट :
नगर निगम को स्टेट हैड से ग्रांट मिलती है। यह डेढ़ करोड़ रुपये की राशि ग्रांट के रूप में मिलती है। ग्रांट मिलने के बाद ही बजट की रूपरेखा तय की जाएगी। उम्मीद है कि एक-दो सप्ताह के भीतर यह राशि नगर निगम को मिल जाएगी। -राकेश कुमार शर्मा, आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर