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Hamirpur (Himachal) News: बड़सर में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाओं का इंतजार
Sun, 09 Aug 2026 01:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 09 Aug 2026 01:12 AM IST
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बड़सर (हमीरपुर)। विधानसभा क्षेत्र बड़सर को उपमंडल का दर्जा मिले 41 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन क्षेत्र के हजारों युवाओं को आज भी आधुनिक खेल सुविधाओं का इंतजार है।
चार दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद बड़सर में न तो आधुनिक इंडोर स्टेडियम बन पाया है और न ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल मैदान विकसित हो सका है। खेल सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए चंडीगढ़, होशियारपुर और अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़सर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आधुनिक खेल परिसर, प्रशिक्षित प्रशिक्षक और नियमित अभ्यास की सुविधाएं उपलब्ध हों तो यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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वर्तमान में आर्थिक रूप से सक्षम परिवार अपने बच्चों को दूसरे शहरों में प्रशिक्षण दिला रहे हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई बच्चे पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने के कारण शुरुआती स्तर पर ही खेल छोड़ने को मजबूर हैं।
बड़सर के हरसौर गांव के निशानेबाज विंग कमांडर विजय कुमार इसका उदाहरण हैं। उन्होंने भारतीय सेना की ओर से खेलते हुए ओलंपिक शूटिंग में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। इसी तरह अजय मेहता और प्रणव चंदेल ने चंडीगढ़ में बैडमिंटन का प्रशिक्षण लेकर प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है।
वर्तमान में दोनों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। बड़सर के उपेंद्र सिंह चंडीगढ़ में बैडमिंटन और बॉक्सिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं, सतीश कुमार, मनोज कुमार, अभिषेक शर्मा और कुलदीप चंदेल वॉलीबाल के प्रशिक्षण के लिए होशियारपुर जाते हैं।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बड़सर में आधुनिक खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और खेल मैदान विकसित करने के साथ बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
कोट :
बड़सर में खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। खेल सुविधाओं को लेकर प्रदेश सरकार के साथ पत्राचार किया जाएगा। -स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर
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चार दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद बड़सर में न तो आधुनिक इंडोर स्टेडियम बन पाया है और न ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल मैदान विकसित हो सका है। खेल सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए चंडीगढ़, होशियारपुर और अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़सर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आधुनिक खेल परिसर, प्रशिक्षित प्रशिक्षक और नियमित अभ्यास की सुविधाएं उपलब्ध हों तो यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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वर्तमान में आर्थिक रूप से सक्षम परिवार अपने बच्चों को दूसरे शहरों में प्रशिक्षण दिला रहे हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई बच्चे पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने के कारण शुरुआती स्तर पर ही खेल छोड़ने को मजबूर हैं।
बड़सर के हरसौर गांव के निशानेबाज विंग कमांडर विजय कुमार इसका उदाहरण हैं। उन्होंने भारतीय सेना की ओर से खेलते हुए ओलंपिक शूटिंग में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। इसी तरह अजय मेहता और प्रणव चंदेल ने चंडीगढ़ में बैडमिंटन का प्रशिक्षण लेकर प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है।
वर्तमान में दोनों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। बड़सर के उपेंद्र सिंह चंडीगढ़ में बैडमिंटन और बॉक्सिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं, सतीश कुमार, मनोज कुमार, अभिषेक शर्मा और कुलदीप चंदेल वॉलीबाल के प्रशिक्षण के लिए होशियारपुर जाते हैं।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बड़सर में आधुनिक खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और खेल मैदान विकसित करने के साथ बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
कोट :
बड़सर में खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। खेल सुविधाओं को लेकर प्रदेश सरकार के साथ पत्राचार किया जाएगा। -स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर