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Hamirpur (Himachal) News: सुजानपुर में 30 लाख से ऐतिहासिक नौण का हुआ जीर्णोद्धार
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:37 AM IST
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नगर परिषद सुजानपुर की ओर से करवाया गया ऐतिहासिक नौण का जीर्णोद्धार। संवाद
- फोटो : महसी के बसौनामाफी में वन विभाग द्वारा पकड़ा गया बाघ।
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सुजानपुर(हमीरपुर)। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में कार्य करते हुए नगर परिषद सुजानपुर ने वार्ड दो में प्रसिद्ध ऐतिहासिक नौण का जीर्णोद्धार करवा दिया है। कार्य पर नगर परिषद की ओर से 30 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है।
जीर्णोद्धार के बाद यह नौण न केवल स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा, बल्कि गर्मियों के मौसम में सुजानपुर आने वाले पर्यटकों के लिए भी बड़ी सुविधा बनेगा। ऐतिहासिक नौण सुजानपुर के प्रसिद्ध नर्मदेश्वर मंदिर के समीप स्थित है, जिसका निर्माण वर्ष 1802 में कांगड़ा रियासत के प्रतापी शासक महाराजा संसार चंद ने करवाया था। गौर हो कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी स्नान और पूजा-अर्चना से पूर्व इसी नौण के जल का उपयोग करते थे। समय के साथ रखरखाव के अभाव में इसकी दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और जल भराव की क्षमता भी प्रभावित हुई थी।
नगर परिषद सुजानपुर ने धरोहर की महत्ता को समझते हुए इसके जीर्णोद्धार की योजना तैयार की। करीब 30 लाख रुपये की लागत से नौण की संरचना को मजबूत किया। क्षतिग्रस्त दीवारों और सीढ़ियों की मरम्मत की गई और जल रिसाव को रोकने के लिए विशेष तकनीक अपनाई गई।
जीर्णोद्धार के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि नौण की मूल वास्तुकला और ऐतिहासिक स्वरूप को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे। अब नौण में पानी भरने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, ताकि लोगों को कोई भी परेशानी न हो।
वहीं, स्टील की रेलिंग लगाकर कपड़े धोने के लिए अलग स्थान बनाया गया है, ताकि पीने का पानी दूषित न हो। वहीं, नौण के बाहर सूर्य नमस्कार को लेकर के एक भव्य आकर्षण सेल्फी पॉइंट साथ शौचालय की व्यवस्था भी की गई है।
कोट
शहर के विकास को लेकर कार्य किया जा रहा है। ऐतिहासिक नौण के कायाकल्प पर 30 लाख रुपये का बजट खर्च किया गया है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिल सके। -शकुंतला देवी, अध्यक्ष नगर परिषद, सुजानपुर
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जीर्णोद्धार के बाद यह नौण न केवल स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा, बल्कि गर्मियों के मौसम में सुजानपुर आने वाले पर्यटकों के लिए भी बड़ी सुविधा बनेगा। ऐतिहासिक नौण सुजानपुर के प्रसिद्ध नर्मदेश्वर मंदिर के समीप स्थित है, जिसका निर्माण वर्ष 1802 में कांगड़ा रियासत के प्रतापी शासक महाराजा संसार चंद ने करवाया था। गौर हो कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी स्नान और पूजा-अर्चना से पूर्व इसी नौण के जल का उपयोग करते थे। समय के साथ रखरखाव के अभाव में इसकी दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और जल भराव की क्षमता भी प्रभावित हुई थी।
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नगर परिषद सुजानपुर ने धरोहर की महत्ता को समझते हुए इसके जीर्णोद्धार की योजना तैयार की। करीब 30 लाख रुपये की लागत से नौण की संरचना को मजबूत किया। क्षतिग्रस्त दीवारों और सीढ़ियों की मरम्मत की गई और जल रिसाव को रोकने के लिए विशेष तकनीक अपनाई गई।
जीर्णोद्धार के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि नौण की मूल वास्तुकला और ऐतिहासिक स्वरूप को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे। अब नौण में पानी भरने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, ताकि लोगों को कोई भी परेशानी न हो।
वहीं, स्टील की रेलिंग लगाकर कपड़े धोने के लिए अलग स्थान बनाया गया है, ताकि पीने का पानी दूषित न हो। वहीं, नौण के बाहर सूर्य नमस्कार को लेकर के एक भव्य आकर्षण सेल्फी पॉइंट साथ शौचालय की व्यवस्था भी की गई है।
कोट
शहर के विकास को लेकर कार्य किया जा रहा है। ऐतिहासिक नौण के कायाकल्प पर 30 लाख रुपये का बजट खर्च किया गया है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिल सके। -शकुंतला देवी, अध्यक्ष नगर परिषद, सुजानपुर

नगर परिषद सुजानपुर की ओर से करवाया गया ऐतिहासिक नौण का जीर्णोद्धार। संवाद- फोटो : महसी के बसौनामाफी में वन विभाग द्वारा पकड़ा गया बाघ।