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Hamirpur (Himachal) News: श्रद्धालुओं को दुर्गा सप्तशती का महत्व बताया
Fri, 24 Jul 2026 12:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:59 AM IST
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शिव मंदिर ब्राहलड़ी में आयोजित भागवत पुराण कथा में उपस्थित श्रद्धालु कथा श्रवण करते हुए। संवाद
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गलोड़ (हमीरपुर)। शिव मंदिर ब्रहालड़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान परमहंस पुनीत गिरि ने श्रद्धालुओं को दुर्गा सप्तशती के महत्व और उसके पाठ की विधि के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि दुर्गा सप्तशती 700 श्लोकों का अत्यंत पवित्र ग्रंथ है, जिसमें मां दुर्गा की महिमा का वर्णन है। श्रद्धा और विधि-विधान से इसका पाठ करने से व्यक्ति को साहस, सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
उन्होंने बताया कि दुर्गा सप्तशती के संपूर्ण पाठ में दुर्गा कवच, अर्गला स्तोत्र, कीलक स्तोत्र, 13 अध्याय, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र तथा अंत में क्षमा प्रार्थना शामिल होती है। पाठ शुरू करने से पहले भगवान श्रीगणेश और गुरु का स्मरण करना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि पाठ का समापन सिद्ध कुंजिका स्तोत्र और क्षमा प्रार्थना के साथ किया जाता है। इस अवसर पर क्षेत्र के श्रद्धालु नीना, मीना, रीता, रेखा, स्वर्ण, सुलोचना, उत्तम, मदन, ललिता, जगदीश दत्त, बलबीर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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उन्होंने कहा कि दुर्गा सप्तशती 700 श्लोकों का अत्यंत पवित्र ग्रंथ है, जिसमें मां दुर्गा की महिमा का वर्णन है। श्रद्धा और विधि-विधान से इसका पाठ करने से व्यक्ति को साहस, सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
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उन्होंने बताया कि दुर्गा सप्तशती के संपूर्ण पाठ में दुर्गा कवच, अर्गला स्तोत्र, कीलक स्तोत्र, 13 अध्याय, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र तथा अंत में क्षमा प्रार्थना शामिल होती है। पाठ शुरू करने से पहले भगवान श्रीगणेश और गुरु का स्मरण करना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि पाठ का समापन सिद्ध कुंजिका स्तोत्र और क्षमा प्रार्थना के साथ किया जाता है। इस अवसर पर क्षेत्र के श्रद्धालु नीना, मीना, रीता, रेखा, स्वर्ण, सुलोचना, उत्तम, मदन, ललिता, जगदीश दत्त, बलबीर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।