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Hamirpur (Himachal) News: गैस की कमी हुई तो पारंपरिक चूल्हों की ओर लौटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 17 Mar 2026 07:36 AM IST
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विक्की
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ग्राउंड रिपोर्ट :
मेले में जलेबी के दुकानदार जला रहे लकड़ी का चूल्हा
मोमो और चाउमिन के कारोबारियों को उठानी पड़ी रहीं परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सुजानपुर (हमीरपुर)। कारोबारियों को उम्मीद थी कि मेलों में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आसानी से गैस सिलिंडर मिल जाएंगे। अब गैस सिलिंडर न मिलने से कारोबारियों को पारंपरिक चूल्हे जलाकर काम चलाना पड़ रहा है। लकड़ी के सहारे कारोबार करना अब आसान नहीं है।
सुजानपुर होली मेले में गैस सिलिंडर को लेकर दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिलिंडर न मिलने से दुकानदारों को कारोबार करना मुश्किल हो गया है। दुकानदार गैस सिलिंडर न मिलने पर पारंपरिक चूल्हों पर अपने कारोबार को आगे बढ़ाने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि लोग लकड़ी के चूल्हे पर काम कर रहे हैं। दुकानदारों की मानें तो यह पहली बार है कि उन्हें जरूरत के अनुसार गैस नहीं मिल पाई है। ऐसे में विभाग भले ही गैस की कमी न होने की बात कर रहा हो, लेकिन धरातल पर लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं।
व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने के कारण मेले में परेशानी उठानी पड़ रही है। पहली बार ऐसा हुआ है कि गैस की कमी हुई हो। आने वाले दिनों में अगर व्यावसायिक सिलिंडर न मिला तो समान खाद्य पदार्थ बनाना मुश्किल हो जाएगा। - जितेंद्र कुमार, दुकानदार बिहार
मोमो चाऊमीन की दुकान लगा रखी है। इन खाद्य पदार्थों को बनाने के लिए सिलिंडर का ही उपयोग किया जाता है। इन्हें लकड़ी के चूल्हे में बनाना मुश्किल है। सिलिंडर न मिल पाने के कारण परेशान हो गए हैं। -विक्रम कुमार, दुकानदार, संधोल
गैस न मिलने के कारण मजबूरी में लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। जलेबियों के लिए आग एक बराबर चाहिए। लकड़ी से चारों ओर धुआं फैल रहा है। सिलिंडर न मिलने के कारण अब दूसरा विकल्प केवल लकड़ी का चूल्हा ही है। - विक्की, दुकानदार, पटलांदर
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मेले में जलेबी के दुकानदार जला रहे लकड़ी का चूल्हा
मोमो और चाउमिन के कारोबारियों को उठानी पड़ी रहीं परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सुजानपुर (हमीरपुर)। कारोबारियों को उम्मीद थी कि मेलों में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आसानी से गैस सिलिंडर मिल जाएंगे। अब गैस सिलिंडर न मिलने से कारोबारियों को पारंपरिक चूल्हे जलाकर काम चलाना पड़ रहा है। लकड़ी के सहारे कारोबार करना अब आसान नहीं है।
सुजानपुर होली मेले में गैस सिलिंडर को लेकर दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिलिंडर न मिलने से दुकानदारों को कारोबार करना मुश्किल हो गया है। दुकानदार गैस सिलिंडर न मिलने पर पारंपरिक चूल्हों पर अपने कारोबार को आगे बढ़ाने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि लोग लकड़ी के चूल्हे पर काम कर रहे हैं। दुकानदारों की मानें तो यह पहली बार है कि उन्हें जरूरत के अनुसार गैस नहीं मिल पाई है। ऐसे में विभाग भले ही गैस की कमी न होने की बात कर रहा हो, लेकिन धरातल पर लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं।
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व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने के कारण मेले में परेशानी उठानी पड़ रही है। पहली बार ऐसा हुआ है कि गैस की कमी हुई हो। आने वाले दिनों में अगर व्यावसायिक सिलिंडर न मिला तो समान खाद्य पदार्थ बनाना मुश्किल हो जाएगा। - जितेंद्र कुमार, दुकानदार बिहार
मोमो चाऊमीन की दुकान लगा रखी है। इन खाद्य पदार्थों को बनाने के लिए सिलिंडर का ही उपयोग किया जाता है। इन्हें लकड़ी के चूल्हे में बनाना मुश्किल है। सिलिंडर न मिल पाने के कारण परेशान हो गए हैं। -विक्रम कुमार, दुकानदार, संधोल
गैस न मिलने के कारण मजबूरी में लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। जलेबियों के लिए आग एक बराबर चाहिए। लकड़ी से चारों ओर धुआं फैल रहा है। सिलिंडर न मिलने के कारण अब दूसरा विकल्प केवल लकड़ी का चूल्हा ही है। - विक्की, दुकानदार, पटलांदर

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