Himachal: शिमला जिप अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव में देरी पर अफसरों की जवाबदेही तय करने का आदेश
प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में देरी पर राज्य सरकार, राज्य चुनाव आयोग समेत डीसी को नोटिस जारी किए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव न कराने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग सहित उपायुक्त को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने संबंधित प्राधिकारियों से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि चुनाव प्रक्रिया में देरी क्यों हुई। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। निर्वाचित पार्षदों की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने कहा कि मई में संपन्न हुए पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में याचिकाकर्ता जिला परिषद शिमला के सदस्य के रूप में चुने गए थे। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से पूछा कि 20 जुलाई तक चुनाव के लिए कोई बैठक अधिसूचित क्यों नहीं की गई। चुनाव की बैठक के लिए अगली तिथि कौन सी तय की गई है।
अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह 6 अगस्त को अंकुश इंदौरिया बनाम राज्य निर्वाचन आयोग व अन्य में दिए गए फैसले के अनुपालन की स्थिति रिपोर्ट पेश करे। इसके साथ ही अपने वैधानिक कर्तव्यों का पालन न करने वाले दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर अदालत के समक्ष रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने प्रतिवादियों को अगली सुनवाई की तारीख तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को तय की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि प्रतिवादियों (संबंधित अधिकारियों) ने वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव की बैठक आयोजित न करके अपने कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरती है।