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हाईकोर्ट का कड़ा संज्ञान: अधूरा फोरलेन फिर भी वसूल रहे पूरा टोल, केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस

Wed, 23 Sep 2026 06:06 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 23 Sep 2026 06:06 PM IST
सार

भंगवार रानीताल से कांगड़ा बाईपास (एनएच-303/503) के पैकेज-V(बी) पर बने घट्टा टोल प्लाजा पर हो रही टोल वसूली को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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High Court takes serious note: Full toll being collected despite incomplete four lane road
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फोरलेन निर्माण का काम अधूरा रहने के बावजूद पूरा टोल वसूले जाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। भांगवाड़,रानीताल से कांगड़ा बाईपास (एन एच-303/503) के पैकेज-V(बी) पर बने घट्टा टोल प्लाजा पर हो रही टोल वसूली को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने संज्ञान याचिकाकर्ता राजेंद्र कुमार व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

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जनहित याचिका में बताया गया है कि भांगवाड़ से कांगड़ा बाईपास तक पूरे रास्ते का टोल वसूला जा रहा है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि इस रूट पर न तो टनल शुरू हुई है और न ही कछारी को जोड़ने वाला पुल बनकर तैयार हुआ है। आरोप लगाया गया है कि जब वाहन चालकों को पूरे फोरलेन मार्ग और उससे जुड़ी सुविधाओं का लाभ ही नहीं मिल रहा है, तो उनसे पूरा टोल वसूलना सरासर गलत है। यह आम जनता की जेब से बेवजह पैसे निकालने जैसा है।

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याचिका में बताया कि इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को पहले ही ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन उस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। अदालत के सामने निर्माणाधीन कार्यों की तस्वीरें और रूट का पूरा नक्शा भी सबूत के तौर पर पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अन्य संबंधित पक्षों को तीन दिन के भीतर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

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