हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: रोहित ठाकुर बोले- भविष्य में कॉलेजों में रिक्त पदों को भरा जाएगा
विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को डलहौजी के विधायक डीएस ठाकुर ने शून्यकाल में मामला उठाते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में कॉलेज में न तो प्रोफेसर हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को डलहौजी के विधायक डीएस ठाकुर ने शून्यकाल में मामला उठाते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में कॉलेज में न तो प्रोफेसर हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ। ऐसे में संस्थान को दोबारा अधिसूचित करने के बाद यहां स्टाफ की उपलब्धता भी तो होनी चाहिए। इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि कॉलेजों को लेकर लिया गया फैसला किसी एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी कॉलेजों में सौ फीसदी स्टाफ उपलब्ध करवाना संभव नहीं है। विधायक की ओर से मामला ध्यान में लाए जाने के बाद संबंधित कॉलेज को फिर से अधिसूचित किया गया था। सरकार की ओर से भविष्य में कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया की जाएगी।
199 पीएमश्री स्कूलों में दे रहे आधुनिक सुविधाएं : रोहित
हिमाचल के 199 पीएमश्री स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए अटल टिंकरिंग लैब, डिजिटल क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, ओपन जिम तथा इनडोर-आउटडोर खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधानसभा में विधायक विनोद कुमार के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि योजना के तहत 50 से अधिक शैक्षणिक, खेल, कौशल विकास और विद्यार्थी कल्याण संबंधी सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों, एक्सपोजर विजिट और स्कूल ट्विनिंग कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा। पहली से आठवीं कक्षा तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, जबकि छात्राओं और एससी/एसटी विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाई जाएगी। छात्राओं को छात्रवृत्ति, सेनेटरी पैड और किशोरी कार्यक्रम का लाभ भी मिलेगा। विद्यार्थियों की उपस्थिति और प्रगति की निगरानी के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
जोगिंद्रनगर से औषधीय पौधों का केंद्र स्थानांतरित करने का विधायक ने किया विरोध
जोगिंद्रनगर में संचालित क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र (आरसीएफसी) को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने केंद्र के स्थानांतरण का विरोध करते हुए कहा कि इस फैसले से क्षेत्र के किसानों और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों पर असर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार और आयुष मंत्रालय से स्थानांतरण का निर्णय तत्काल स्थगित करने की मांग की।
राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के अधीन संचालित आरसीएफसी किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराता है। विधायक ने कहा कि जोगिंद्रनगर में केंद्र के संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा पहले से मौजूद है। ऐसे में इसे दूसरी जगह स्थानांतरित करना क्षेत्र के साथ अन्याय होगा। राणा ने कहा कि केंद्र को स्थानांतरित करने का मामला महज एक कार्यालय को दूसरी जगह ले जाने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध क्षेत्र के किसानों, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जोगिंद्रनगर में हजारों लोग आंदोलन कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने बंद की परियोजना, मामला उठाया : गोमा
आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि आरसीएफसी का संचालन केंद्र सरकार के स्तर पर किया जाता है। इसका उद्देश्य किसानों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना आधारित कार्यक्रम है और प्रदेश सरकार या आयुष विभाग ने इसे बंद नहीं किया है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को बंद किया है। गोमा ने कहा कि उन्होंने यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार कर जोगिंद्रनगर में आरसीएफसी का संचालन जारी रखने की मांग की है।