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Kangra News: धूप खिलने के बाद फिर बिगड़ा मौसम, ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
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धर्मशाला के पास जटेहड़ में बारिश के बाहर ढही गेंहू की फसल। अमर उजाला
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में मौसम के तीखे तेवर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दो दिनों की लगातार बारिश और ओलावृष्टि के बाद रविवार सुबह धूप खिलने से मिली राहत चंद घंटों में ही काफूर हो गई। दोपहर बाद एक बार फिर आसमान काले बादलों से घिर गया और जिले के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई।
समाचार लिखे जाने तक धर्मशाला सहित ऊपरी क्षेत्रों में गर्जना के साथ बारिश का दौर जारी है, जिससे किसानों और बागवानों की चिंताएं सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। रविवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली और राजा का तालाब क्षेत्र में करीब आधा घंटा, जबकि बैजनाथ में 20 मिनट तक भारी ओलावृष्टि हुई।
ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही देर में सड़कें और खेत सफेद चादर से ढक गए। हालांकि, सुबह के समय खिली तेज धूप से जनजीवन पटरी पर लौटता दिख रहा था और धर्मशाला का अधिकतम तापमान 19 डिग्री व न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन शाम होते-होते कड़कड़ाती बिजली और गर्जना ने फिर से दहशत पैदा कर दी है।
बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। जिले के कई क्षेत्रों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। ओलों की मार से बालियां टूट गई हैं और खेतों में पानी भरने से दानों के काले पड़ने की आशंका बढ़ गई है। केवल किसान ही नहीं, बल्कि बागवान भी ओलों से फलों और पौधों को हुए नुकसान से खासे परेशान हैं। ओलावृष्टि से गुठलीदार फलों के झड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
उधर, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान जिले के कुछ क्षेत्रों में गर्जना के साथ अंधड़ और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
कृषि विभाग जुटा रहा नुकसान की रिपोर्ट
कृषि विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों से फसलों को हुए नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट जुटाई जा रही है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें और मौसम स्थिर होने पर ही कीटनाशकों का छिड़काव करें। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश का यह दौर लंबा खिंचता है, तो उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
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समाचार लिखे जाने तक धर्मशाला सहित ऊपरी क्षेत्रों में गर्जना के साथ बारिश का दौर जारी है, जिससे किसानों और बागवानों की चिंताएं सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। रविवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली और राजा का तालाब क्षेत्र में करीब आधा घंटा, जबकि बैजनाथ में 20 मिनट तक भारी ओलावृष्टि हुई।
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ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही देर में सड़कें और खेत सफेद चादर से ढक गए। हालांकि, सुबह के समय खिली तेज धूप से जनजीवन पटरी पर लौटता दिख रहा था और धर्मशाला का अधिकतम तापमान 19 डिग्री व न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन शाम होते-होते कड़कड़ाती बिजली और गर्जना ने फिर से दहशत पैदा कर दी है।
बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। जिले के कई क्षेत्रों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। ओलों की मार से बालियां टूट गई हैं और खेतों में पानी भरने से दानों के काले पड़ने की आशंका बढ़ गई है। केवल किसान ही नहीं, बल्कि बागवान भी ओलों से फलों और पौधों को हुए नुकसान से खासे परेशान हैं। ओलावृष्टि से गुठलीदार फलों के झड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
उधर, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान जिले के कुछ क्षेत्रों में गर्जना के साथ अंधड़ और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
कृषि विभाग जुटा रहा नुकसान की रिपोर्ट
कृषि विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों से फसलों को हुए नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट जुटाई जा रही है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें और मौसम स्थिर होने पर ही कीटनाशकों का छिड़काव करें। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश का यह दौर लंबा खिंचता है, तो उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

धर्मशाला के पास जटेहड़ में बारिश के बाहर ढही गेंहू की फसल। अमर उजाला

धर्मशाला के पास जटेहड़ में बारिश के बाहर ढही गेंहू की फसल। अमर उजाला