{"_id":"69d3a809e3203f96fe0f22f9","slug":"rajya-sabha-oath-ceremony-menaka-guruswamy-first-lgbtq-mp-india-19-members-sworn-in-parliament-news-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Parliament: राज्यसभा में 19 सांसदों ने ली शपथ, मेनका गुरुस्वामी बनीं देश की पहली LGBTQ+ सांसद; जानें कौन हैं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Parliament: राज्यसभा में 19 सांसदों ने ली शपथ, मेनका गुरुस्वामी बनीं देश की पहली LGBTQ+ सांसद; जानें कौन हैं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 06 Apr 2026 06:03 PM IST
विज्ञापन
सार
राज्यसभा में आज 19 नए और पुनर्निर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली है। इसमें डॉ मेनका गुरुस्वामी का नाम खास रहा। वह भारत की पहली LGBTQ+ पहचान वाली सांसद बनीं हैं।
मेनका गुरुस्वामी
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
भारतीय संसदीय इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। राज्यसभा के सभापति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज राज्यसभा कक्ष में नवनिर्वाचित और पुननिर्वाचित 19 सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण समारोह का मुख्य आकर्षण मशहूर संवैधानिक वकील डॉ मेनका गुरुस्वामी रहीं। उन्होंने पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद के रूप में शपथ लिया। मेनका गुरुस्वामी देश की पहली ऐसी सांसद हैं, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान एक क्वीर (LGBTQ+) के रूप में साझा की है।
कानूनी लड़ाई से संसद तक का सफर
51 वर्षीय डॉ मेनका गुरुस्वामी का राज्यसभा पहुंचना सामाजिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे संस्थानों से शिक्षित गुरुस्वामी को साल 2018 की उस ऐतिहासिक कानूनी जीत के लिए जाना जाता है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में धारा 377 के खिलाफ लड़ाई लड़कर समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करवाया था। टीएमसी ने अपनी रणनीति के तहत उन्हें उच्च सदन भेजा है ताकि संसद में संवैधानिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की आवाज को मजबूती दी जा सके। शपथ लेने के बाद गुरुस्वामी ने दोहराया कि वह संविधान के समानता और भेदभाव रहित मूल्यों को आगे बढ़ाएंगी।
ये भी पढ़ें: मेनका गुरुस्वामी: कानूनी लड़ाई से बनीं नायक, अब संसद में उठाएंगी मुद्दे; भारत की पहली LGBTQ+ सांसद को जानिए
इन 19 सांसदों ने ली शपथ
समारोह के दौरान कुल 19 सदस्यों ने शपथ ली, जिनमें राजनीति के दिग्गज और नए चेहरे दोनों शामिल रहे। शपथ लेने वाले सदस्यों में श्री रामदास बंधु आठवले, श्रीमती माया चिंतामन इवनाते, श्री शरदचंद्र पवार, श्री रामराव सखाराम वडकुते, डॉ ज्योति नागनाथ वाघमारे, श्री क्रिस्टोफर मणिकम, डॉ अंबुमणि रामदास, श्री कॉन्सटेंटाइन रवींद्रन, श्री एल के सुधीश, डॉ एम थंबीदुरई, श्री तिरुचि शिवा, श्री बाबुल सुप्रिया बराल, डॉ मेनका गुरुस्वामी, श्री राजीव कुमार, सुश्री रुक्मिणी मलिक (कोयल मलिक), श्री बिस्वजीत सिन्हा, श्री संतृप्त मिश्रा, श्री दिलीप कुमार रे और श्री मनमोहन सामल शामिल हैं।
दिखी भाषाई और क्षेत्रीय विविधता की झलक
आज के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की 'विविधता में एकता' की स्पष्ट झलक देखने को मिली। कुल 19 सदस्यों में से 6 सदस्यों ने तमिल में, 4 ने बंगाली में, 3 ने मराठी में, 3 ने ओडिया में, 2 ने हिंदी में और 1 सदस्य ने अंग्रेजी में शपथ ली। इस बार राज्यसभा में तमिलनाडु से 6, महाराष्ट्र से 5, पश्चिम बंगाल से 5 और ओडिशा से 3 सदस्य चुनकर आए हैं।
इस अवसर पर संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू, जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुअल ओराम, राज्यसभा के महासचिव श्री पीसी मोदी और सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
Trending Videos
कानूनी लड़ाई से संसद तक का सफर
51 वर्षीय डॉ मेनका गुरुस्वामी का राज्यसभा पहुंचना सामाजिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे संस्थानों से शिक्षित गुरुस्वामी को साल 2018 की उस ऐतिहासिक कानूनी जीत के लिए जाना जाता है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में धारा 377 के खिलाफ लड़ाई लड़कर समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करवाया था। टीएमसी ने अपनी रणनीति के तहत उन्हें उच्च सदन भेजा है ताकि संसद में संवैधानिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की आवाज को मजबूती दी जा सके। शपथ लेने के बाद गुरुस्वामी ने दोहराया कि वह संविधान के समानता और भेदभाव रहित मूल्यों को आगे बढ़ाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मेनका गुरुस्वामी: कानूनी लड़ाई से बनीं नायक, अब संसद में उठाएंगी मुद्दे; भारत की पहली LGBTQ+ सांसद को जानिए
इन 19 सांसदों ने ली शपथ
समारोह के दौरान कुल 19 सदस्यों ने शपथ ली, जिनमें राजनीति के दिग्गज और नए चेहरे दोनों शामिल रहे। शपथ लेने वाले सदस्यों में श्री रामदास बंधु आठवले, श्रीमती माया चिंतामन इवनाते, श्री शरदचंद्र पवार, श्री रामराव सखाराम वडकुते, डॉ ज्योति नागनाथ वाघमारे, श्री क्रिस्टोफर मणिकम, डॉ अंबुमणि रामदास, श्री कॉन्सटेंटाइन रवींद्रन, श्री एल के सुधीश, डॉ एम थंबीदुरई, श्री तिरुचि शिवा, श्री बाबुल सुप्रिया बराल, डॉ मेनका गुरुस्वामी, श्री राजीव कुमार, सुश्री रुक्मिणी मलिक (कोयल मलिक), श्री बिस्वजीत सिन्हा, श्री संतृप्त मिश्रा, श्री दिलीप कुमार रे और श्री मनमोहन सामल शामिल हैं।
दिखी भाषाई और क्षेत्रीय विविधता की झलक
आज के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की 'विविधता में एकता' की स्पष्ट झलक देखने को मिली। कुल 19 सदस्यों में से 6 सदस्यों ने तमिल में, 4 ने बंगाली में, 3 ने मराठी में, 3 ने ओडिया में, 2 ने हिंदी में और 1 सदस्य ने अंग्रेजी में शपथ ली। इस बार राज्यसभा में तमिलनाडु से 6, महाराष्ट्र से 5, पश्चिम बंगाल से 5 और ओडिशा से 3 सदस्य चुनकर आए हैं।
इस अवसर पर संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू, जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुअल ओराम, राज्यसभा के महासचिव श्री पीसी मोदी और सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।