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Update: मणिपुर में पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश, छह गिरफ्तार; आंध्र प्रदेश में मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitin Gautam
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:59 PM IST
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न्यूज अपडेट
- फोटो : Amar Ujala
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मणिपुर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश और कर्फ्यू का उल्लंघन करने का आरोप है। मामले में बिष्णुपुर जिले में हुए बम धमाके के बाद इलाके में बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने कर्फ्यू लगाया था। पुलिस ने यह गिरफ्तारी गुरुवार को हेंगंग थाना क्षेत्र के अहलुप माखा लेकाई से की। पकड़े गए आरोपियों की पहचान यांगोजम बोरिश सिंह (23), मंगसाताबम डेविड सिंह (21), पंगमबम निवास मेइतेई (22), लैतोनजम रोमन सिंह (22), फेरेनजम टोनी (21) और निंगथौजम डेनिश सिंह (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने न केवल कर्फ्यू के नियमों को तोड़ा, बल्कि ड्यूटी पर तैनात जवानों के साथ मारपीट भी की। इस दौरान उन्होंने पुलिस के हथियार छीनने का प्रयास किया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आंध्र प्रदेश में अगले पांच दिनों तक आंधी-तूफान और उमस भरी गर्मी का अलर्ट
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार, राज्य में बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और भारी उमस का दौर जारी रहेगा। 10 अप्रैल को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा के अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने के साथ तूफान आने की संभावना है। 11 अप्रैल को भी उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में ऐसा ही मौसम रहेगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 12 अप्रैल को हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
13 से 16 अप्रैल के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ओडिशा से मन्नार की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके अलावा उत्तरी तमिलनाडु के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है। इन भौगोलिक बदलावों के कारण ही आंध्र प्रदेश के मौसम में यह उथल-पुथल देखने को मिल रही है।
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आंध्र प्रदेश में अगले पांच दिनों तक आंधी-तूफान और उमस भरी गर्मी का अलर्ट
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार, राज्य में बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और भारी उमस का दौर जारी रहेगा। 10 अप्रैल को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा के अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने के साथ तूफान आने की संभावना है। 11 अप्रैल को भी उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में ऐसा ही मौसम रहेगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 12 अप्रैल को हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
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13 से 16 अप्रैल के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ओडिशा से मन्नार की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके अलावा उत्तरी तमिलनाडु के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है। इन भौगोलिक बदलावों के कारण ही आंध्र प्रदेश के मौसम में यह उथल-पुथल देखने को मिल रही है।
जनगणना 2027: 5.72 लाख से ज्यादा परिवारों ने खुद ऑनलाइन दर्ज की अपनी जानकारी
भारत में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो गया है। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 5.72 लाख से ज्यादा परिवारों ने सेल्फ-एन्युमरेशन सुविधा का फायदा उठाया है। इसका मतलब है कि इन परिवारों ने खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज की है। जनगणना के इतिहास में पहली बार लोगों को यह डिजिटल विकल्प मिला है। यह प्रक्रिया एक अप्रैल से 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुई है। इनमें गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, मिजोरम, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और दिल्ली के एनडीएमसी व कैंट इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 16 अप्रैल से कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की सूची बनाने का काम शुरू करेंगे।
जो नागरिक ऑनलाइन जानकारी भर रहे हैं, उन्हें एक खास आईडी मिलेगी। जब कर्मचारी उनके घर आएंगे, तो उन्हें बस यह आईडी दिखानी होगी। इस चरण में मकानों और उनमें रहने वाले परिवारों से जुड़े 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनमें घर की बुनियादी सुविधाओं और परिवार के मुखिया से संबंधित जानकारियां शामिल हैं। आजादी के बाद यह देश की आठवीं जनगणना है। यह पूरी तरह डिजिटल होगी और कर्मचारी जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल शुरू होगा।
भारत में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो गया है। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 5.72 लाख से ज्यादा परिवारों ने सेल्फ-एन्युमरेशन सुविधा का फायदा उठाया है। इसका मतलब है कि इन परिवारों ने खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज की है। जनगणना के इतिहास में पहली बार लोगों को यह डिजिटल विकल्प मिला है। यह प्रक्रिया एक अप्रैल से 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुई है। इनमें गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, मिजोरम, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और दिल्ली के एनडीएमसी व कैंट इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 16 अप्रैल से कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की सूची बनाने का काम शुरू करेंगे।
जो नागरिक ऑनलाइन जानकारी भर रहे हैं, उन्हें एक खास आईडी मिलेगी। जब कर्मचारी उनके घर आएंगे, तो उन्हें बस यह आईडी दिखानी होगी। इस चरण में मकानों और उनमें रहने वाले परिवारों से जुड़े 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनमें घर की बुनियादी सुविधाओं और परिवार के मुखिया से संबंधित जानकारियां शामिल हैं। आजादी के बाद यह देश की आठवीं जनगणना है। यह पूरी तरह डिजिटल होगी और कर्मचारी जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल शुरू होगा।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम बांधों की मरम्मत तेज करने के निर्देश दिए
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम सिंचाई परियोजना के तीन खराब बांधों की मरम्मत का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिला बांधों को जल्द से जल्द ठीक करके चालू किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मरम्मत का सारा काम राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) के सुरक्षा नियमों के हिसाब से ही होना चाहिए।
सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने एक खास कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले केंद्रीय जल और बिजली अनुसंधान केंद्र (CWPRS) की जांच और नमूने लेने का काम पूरा हो जाए। इस काम के लिए सिंचाई विभाग, CWPRS और निर्माण एजेंसियों की एक विशेष टीम बनेगी। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अधिकारी भी हर स्तर पर काम की निगरानी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने मेदिगड्डा बांध के केवल खराब हिस्से की नहीं, बल्कि पूरे 1.6 किलोमीटर हिस्से की जांच करने को कहा है। उन्होंने वहां 500 बोरवेल खोदने के लिए जरूरी मशीनें जुटाने और एक बेस कैंप बनाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में देरी बर्दाश्त नहीं होगी और सरकार इसके लिए जरूरी फंड देगी। काम शुरू होने पर मुख्यमंत्री खुद वहां का दौरा करेंगे। यह परियोजना गोदावरी नदी पर बनी है और पिछले चुनाव में बांधों का खराब होना एक बड़ा मुद्दा था।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम सिंचाई परियोजना के तीन खराब बांधों की मरम्मत का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिला बांधों को जल्द से जल्द ठीक करके चालू किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मरम्मत का सारा काम राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) के सुरक्षा नियमों के हिसाब से ही होना चाहिए।
सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने एक खास कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले केंद्रीय जल और बिजली अनुसंधान केंद्र (CWPRS) की जांच और नमूने लेने का काम पूरा हो जाए। इस काम के लिए सिंचाई विभाग, CWPRS और निर्माण एजेंसियों की एक विशेष टीम बनेगी। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अधिकारी भी हर स्तर पर काम की निगरानी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने मेदिगड्डा बांध के केवल खराब हिस्से की नहीं, बल्कि पूरे 1.6 किलोमीटर हिस्से की जांच करने को कहा है। उन्होंने वहां 500 बोरवेल खोदने के लिए जरूरी मशीनें जुटाने और एक बेस कैंप बनाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में देरी बर्दाश्त नहीं होगी और सरकार इसके लिए जरूरी फंड देगी। काम शुरू होने पर मुख्यमंत्री खुद वहां का दौरा करेंगे। यह परियोजना गोदावरी नदी पर बनी है और पिछले चुनाव में बांधों का खराब होना एक बड़ा मुद्दा था।
मणिपुर बम धमाका: दादी ने मुआवजे से किया इनकार, कहा- दोषियों को पकड़ें
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी में हुए बम हमले में दो मासूम बच्चों की जान चली गई थी और बच्चों की मां का इलाज फिलहाल इंफाल के राज मेडिसिटी अस्पताल में चल रहा है। इस बीच, बच्चों की दादी हिजाम लोइदम और एक महिला संगठन ने सरकार के सामने मांग रखी है। बच्चों की दादी हिजाम लोइदम ने सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद लेने से साफ मना कर दिया है। दादी ने राज्य सरकार से मांग रखी है कि पांच दिनों के भीतर दोषियों की पहचान की जाए। उन्होंने रोते हुए सवाल किया कि उन नन्हे बच्चों की क्या गलती थी और उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों मारा गया? परिवार का कहना है कि उन्हें पैसा नहीं बल्कि इंसाफ चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरी घटना की सच्चाई सामने लाने की अपील की है।
कर्फ्यू में ढील के बाद जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार में उमड़ी भीड़
मणिपुर के घाटी जिलों में कर्फ्यू में 3 घंटे की ढील मिलते ही बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए ख्वैरामबंद कैथल बाजार की ओर दौड़ पड़े। घाटी के जिलों में तनाव के कारण पाबंदियां अभी भी लागू हैं। प्रशासन ने लोगों को राशन और जरूरी चीजें जुटाने के लिए सीमित समय की छूट दी है।
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी में हुए बम हमले में दो मासूम बच्चों की जान चली गई थी और बच्चों की मां का इलाज फिलहाल इंफाल के राज मेडिसिटी अस्पताल में चल रहा है। इस बीच, बच्चों की दादी हिजाम लोइदम और एक महिला संगठन ने सरकार के सामने मांग रखी है। बच्चों की दादी हिजाम लोइदम ने सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद लेने से साफ मना कर दिया है। दादी ने राज्य सरकार से मांग रखी है कि पांच दिनों के भीतर दोषियों की पहचान की जाए। उन्होंने रोते हुए सवाल किया कि उन नन्हे बच्चों की क्या गलती थी और उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों मारा गया? परिवार का कहना है कि उन्हें पैसा नहीं बल्कि इंसाफ चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरी घटना की सच्चाई सामने लाने की अपील की है।
कर्फ्यू में ढील के बाद जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार में उमड़ी भीड़
मणिपुर के घाटी जिलों में कर्फ्यू में 3 घंटे की ढील मिलते ही बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए ख्वैरामबंद कैथल बाजार की ओर दौड़ पड़े। घाटी के जिलों में तनाव के कारण पाबंदियां अभी भी लागू हैं। प्रशासन ने लोगों को राशन और जरूरी चीजें जुटाने के लिए सीमित समय की छूट दी है।
त्रिपुरा में आदिवासी परिषद चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की 24 कंपनियां मंजूर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) के चुनावों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 24 कंपनियां मंजूर की हैं। यह चुनाव 12 अप्रैल को होने हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से चार कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं और बाकी 20 कंपनियां भी जल्द ही आ जाएंगी। आमतौर पर एक कंपनी में 100 से 135 जवान होते हैं। इन सुरक्षा बलों में बीएसएफ (BSF), एसएसबी (SSB) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवान शामिल हैं। इन्हें आदिवासी बहुल संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी में पहले से ही 11,000 सुरक्षाकर्मी लगे हुए हैं, यह नई फोर्स उनके अलावा होगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हाल ही में बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद से राज्य में 40 जगहों पर हिंसा की खबरें आई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार हिंसा या डराने-धमकाने के दम पर परिषद पर कब्जा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेगी। 12 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए कुल 1,257 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 311 बूथों को सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) के चुनावों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 24 कंपनियां मंजूर की हैं। यह चुनाव 12 अप्रैल को होने हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से चार कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं और बाकी 20 कंपनियां भी जल्द ही आ जाएंगी। आमतौर पर एक कंपनी में 100 से 135 जवान होते हैं। इन सुरक्षा बलों में बीएसएफ (BSF), एसएसबी (SSB) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवान शामिल हैं। इन्हें आदिवासी बहुल संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी में पहले से ही 11,000 सुरक्षाकर्मी लगे हुए हैं, यह नई फोर्स उनके अलावा होगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हाल ही में बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद से राज्य में 40 जगहों पर हिंसा की खबरें आई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार हिंसा या डराने-धमकाने के दम पर परिषद पर कब्जा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेगी। 12 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए कुल 1,257 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 311 बूथों को सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिका ने कहा है कि इस महीने के अंत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन पहुंचेगा, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर आगे चर्चा होगी। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्गेई गोर ने यह जानकारी अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात के बाद दी। उन्होंने कहा कि दोनों देश पहले ही फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमत हो चुके हैं और अब उसे आगे बढ़ाने के लिए बातचीत होगी।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। हाल ही में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका व्यापार सुविधा पोर्टल की शुरुआत की थी। फरवरी में तय ढांचे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना, बाजार तक पहुंच बढ़ाना और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करना है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
सर्गेई गोर ने इस दौरान अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ और अन्य अधिकारियों के साथ ऊर्जा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण खनिज जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले गोर ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा से भी मुलाकात की थी, जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिका ने कहा है कि इस महीने के अंत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन पहुंचेगा, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर आगे चर्चा होगी। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्गेई गोर ने यह जानकारी अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात के बाद दी। उन्होंने कहा कि दोनों देश पहले ही फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमत हो चुके हैं और अब उसे आगे बढ़ाने के लिए बातचीत होगी।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। हाल ही में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका व्यापार सुविधा पोर्टल की शुरुआत की थी। फरवरी में तय ढांचे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना, बाजार तक पहुंच बढ़ाना और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करना है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
सर्गेई गोर ने इस दौरान अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ और अन्य अधिकारियों के साथ ऊर्जा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण खनिज जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले गोर ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा से भी मुलाकात की थी, जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
परीक्षा परिणाम आने के कुछ घंटों बाद छात्रा ने की आत्महत्या
बंगलुरू में 17 साल की एक छात्रा ने परीक्षा परिणाम आने के कुछ घंटों बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी दी। मृतका का नाम तनुश्री था। वह प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) के दूसरे साल की साइंस की छात्रा थी। पुलिस को शक है कि तीन विषयों में फेल होने की वजह से उसने यह कदम उठाया। घटना गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है। उस समय तनुश्री घर में अकेली थी और उसकी मां काम पर गई हुई थी। उसने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बिस्तर पर केवल उसका हॉल टिकट रखा हुआ था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिजल्ट आने के बाद तनुश्री ने अपने दोस्तों को फोन किया था। वह फेल होने की वजह से काफी परेशान थी। जब बाद में उसने दोस्तों के फोन और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया, तो वे उसे देखने घर पहुंचे। तब इस घटना का पता चला। हेब्बल पुलिस ने मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
बंगलुरू में 17 साल की एक छात्रा ने परीक्षा परिणाम आने के कुछ घंटों बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी दी। मृतका का नाम तनुश्री था। वह प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) के दूसरे साल की साइंस की छात्रा थी। पुलिस को शक है कि तीन विषयों में फेल होने की वजह से उसने यह कदम उठाया। घटना गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है। उस समय तनुश्री घर में अकेली थी और उसकी मां काम पर गई हुई थी। उसने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बिस्तर पर केवल उसका हॉल टिकट रखा हुआ था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिजल्ट आने के बाद तनुश्री ने अपने दोस्तों को फोन किया था। वह फेल होने की वजह से काफी परेशान थी। जब बाद में उसने दोस्तों के फोन और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया, तो वे उसे देखने घर पहुंचे। तब इस घटना का पता चला। हेब्बल पुलिस ने मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
प्रणय वर्मा बेल्जियम में भारत के अगले राजदूत नियुक्त
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को वरिष्ठ राजनयिक प्रणय वर्मा को बेल्जियम में भारत का अगला राजदूत नियुक्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्हें यूरोपीय यूनियन में भी मान्यता मिलेगी। एक प्रेस रिलीज में विदेश मंत्रालय ने कहा, '1994 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रणय वर्मा अभी बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त हैं, उन्हें बेल्जियम में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। उन्हें यूरोपीय यूनियन में भी भारत का राजदूत नियुक्त किया जाएगा। उम्मीद है कि वह जल्द ही यह काम संभाल लेंगे।'
प्रणय वर्मा से पहले इस पद की जिम्मेदारी सौरभ कुमार संभाल रहे थे। उन्होंने इस साल की शुरुआत में अपना कार्यकाल पूरा किया था। ब्रसेल्स में अपनी पोस्टिंग के दौरान सौरभ कुमार को यूरोपीय यूनियन और लक्जमबर्ग में भी मान्यता प्राप्त राजदूत के तौर पर मान्यता दी गई थी। यह नियुक्ति यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव के लिए एक अहम समय पर हुआ है, खासकर जनवरी में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौते के बाद।
इस समझौते से 90 फीसदी से ज्यादा टैरिफ में कटौती करके द्विपक्षीय व्यापार को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसमें वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई से जुड़ा व्यापार शामिल है। इस समझौते से भारतीय एक्सपोर्ट ज्यादा कॉम्पिटिटिव होने की संभावना है। साथ ही भारत में ऑटोमोबाइल और वाइन जैसे यूरोपीय सामानों की लागत भी कम होगी। अधिकारियों का कहना है कि प्रणय वर्मा की नई भूमिका यूरोपीय पार्लियामेंट के जरिए समझौते को आगे बढ़ाने में अहम होगी। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मंजूरी से पहले मुश्किल कानूनी जांच और 27 भाषाओं में अनुवाद शामिल है।
1994 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी प्रणय वर्मा के पास तीन दशकों से ज्यादा का राजनयिक अनुभव है, जिसमें वियतनाम में राजदूत के तौर पर उनका पिछला कार्यकाल भी शामिल है। पश्चिम एशिया में उनकी विशेषज्ञता को भी एक एसेट के तौर पर देखा जाता है, क्योंकि भारत अपनी वैश्विक साझेदारी को बढ़ाना चाहता है। अभी बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे वर्मा, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में भी सक्रिय रहे हैं। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय ने इस हफ्ते की शुरुआत में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की थी और आपसी हितों के आधार पर सकारात्मक, संरचनात्मक और लोगों पर केंद्रित संबंध बनाने की भारत की मंशा बताई। यह मीटिंग ढाका में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद दोनों देशों द्वारा संबंध फिर से बनाने की कोशिशों के बीच हुई है, जिसमें ब्रसेल्स में अपना नया पद संभालने से पहले अहम डिप्लोमैटिक कामों को संभालने में वर्मा की भूमिका पर जोर दिया गया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को वरिष्ठ राजनयिक प्रणय वर्मा को बेल्जियम में भारत का अगला राजदूत नियुक्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्हें यूरोपीय यूनियन में भी मान्यता मिलेगी। एक प्रेस रिलीज में विदेश मंत्रालय ने कहा, '1994 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रणय वर्मा अभी बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त हैं, उन्हें बेल्जियम में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। उन्हें यूरोपीय यूनियन में भी भारत का राजदूत नियुक्त किया जाएगा। उम्मीद है कि वह जल्द ही यह काम संभाल लेंगे।'
प्रणय वर्मा से पहले इस पद की जिम्मेदारी सौरभ कुमार संभाल रहे थे। उन्होंने इस साल की शुरुआत में अपना कार्यकाल पूरा किया था। ब्रसेल्स में अपनी पोस्टिंग के दौरान सौरभ कुमार को यूरोपीय यूनियन और लक्जमबर्ग में भी मान्यता प्राप्त राजदूत के तौर पर मान्यता दी गई थी। यह नियुक्ति यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव के लिए एक अहम समय पर हुआ है, खासकर जनवरी में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौते के बाद।
इस समझौते से 90 फीसदी से ज्यादा टैरिफ में कटौती करके द्विपक्षीय व्यापार को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसमें वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई से जुड़ा व्यापार शामिल है। इस समझौते से भारतीय एक्सपोर्ट ज्यादा कॉम्पिटिटिव होने की संभावना है। साथ ही भारत में ऑटोमोबाइल और वाइन जैसे यूरोपीय सामानों की लागत भी कम होगी। अधिकारियों का कहना है कि प्रणय वर्मा की नई भूमिका यूरोपीय पार्लियामेंट के जरिए समझौते को आगे बढ़ाने में अहम होगी। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मंजूरी से पहले मुश्किल कानूनी जांच और 27 भाषाओं में अनुवाद शामिल है।
1994 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी प्रणय वर्मा के पास तीन दशकों से ज्यादा का राजनयिक अनुभव है, जिसमें वियतनाम में राजदूत के तौर पर उनका पिछला कार्यकाल भी शामिल है। पश्चिम एशिया में उनकी विशेषज्ञता को भी एक एसेट के तौर पर देखा जाता है, क्योंकि भारत अपनी वैश्विक साझेदारी को बढ़ाना चाहता है। अभी बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे वर्मा, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में भी सक्रिय रहे हैं। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय ने इस हफ्ते की शुरुआत में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की थी और आपसी हितों के आधार पर सकारात्मक, संरचनात्मक और लोगों पर केंद्रित संबंध बनाने की भारत की मंशा बताई। यह मीटिंग ढाका में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद दोनों देशों द्वारा संबंध फिर से बनाने की कोशिशों के बीच हुई है, जिसमें ब्रसेल्स में अपना नया पद संभालने से पहले अहम डिप्लोमैटिक कामों को संभालने में वर्मा की भूमिका पर जोर दिया गया है।