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Supreme Court Updates: अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बरकरार; हेट स्पीच मामले में बड़ी राहत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 10 Apr 2026 02:55 PM IST
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Supreme Court Update of 10 April Supreme Court Verdict Supreme Court News Abbas Ansari Indrani Mukerjea
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट में आज यानी 10 अप्रैल को कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होगी। अदालत की कार्यसूची में राजनीति, भ्रष्टाचार और हत्या से जुड़े बड़े मामले शामिल हैं। इनमें-
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  • उत्तर प्रदेश सरकार ने विधायक अब्बास अंसारी की जमानत शर्तों के खिलाफ याचिका दायर की है। यह मामला गैंगस्टर एक्ट से जुड़ा है, जिस पर कोर्ट सुनवाई करेगा।
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  • इसके साथ ही, पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की याचिका पर भी विचार होगा। भुल्लर ने सीबीआई की भ्रष्टाचार जांच के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
  • केंद्र सरकार ने भी एक विशेष याचिका लगाई है। यह याचिका कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ है, जो पश्चिम बंगाल के एक निवासी को अवैध रूप से बांग्लादेश भेजने से संबंधित है।
  • अदालत हरियाणा सरकार की उस अर्जी पर भी सुनवाई करेगी, जिसमें किसान आंदोलन के दौरान सड़कों को बंद करने का मुद्दा उठाया गया है।
  • इसके अलावा, चर्चित शीना बोरा हत्याकांड में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की याचिका पर भी सुनवाई होनी है।

सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता
मऊ से विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हेट स्पीच से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने उनकी विधानसभा सदस्यता बरकरार रखने का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले के बाद उनकी विधायकी पर मंडरा रहा खतरा फिलहाल टल गया है। पूरा मामला हेट स्पीच से जुड़ा है। इस केस में निचली अदालत ने अब्बास अंसारी को सजा सुनाई थी। सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता जाने का डर पैदा हो गया था। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार चाहती थी कि हाईकोर्ट की रोक हट जाए ताकि कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ सके।

सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही माना और सजा पर लगी रोक को जारी रखा। इस आदेश की वजह से अब्बास अंसारी विधायक बने रहेंगे। पहले निचली अदालत के फैसले से उनकी कुर्सी खतरे में थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने स्थिति साफ कर दी है।
 

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार महेश लांगा की अंतरिम जमानत पक्की की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गुजरात के पत्रकार महेश लांगा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिली अंतरिम जमानत को पक्का कर दिया है। यह मामला अहमदाबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दर्ज किया था। कोर्ट ने पिछले साल 15 दिसंबर को लांगा को अंतरिम राहत दी थी, जिसे अब स्थायी कर दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला सुनाया। जांच एजेंसी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि पत्रकारों का पैसा वसूलना और डराना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि जमानत आदेश की टिप्पणियों का असर केस की मेरिट पर नहीं पड़ना चाहिए। लांगा के पक्ष में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलीलें पेश कीं।

कोर्ट ने जमानत के साथ कुछ कड़ी शर्तें भी रखी हैं। महेश लांगा अपने केस से जुड़ी कोई भी खबर या लेख किसी भी मीडिया संस्थान में नहीं लिखेंगे। उन्हें विशेष अदालत में चल रही सुनवाई में पूरा सहयोग करना होगा और केस को टालने की मांग नहीं करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अदालत को इस मामले की रोजाना सुनवाई करने का निर्देश दिया है। इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट ने लांगा की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। उन पर धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप में अहमदाबाद पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की थीं। इसी आधार पर ईडी ने धन शोधन की जांच शुरू की थी। लांगा को सबसे पहले अक्टूबर 2024 में जीएसटी धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
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