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Updates: मणिपुर में पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश, छह गिरफ्तार; भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर बातचीत तेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitin Gautam
Updated Fri, 10 Apr 2026 10:43 AM IST
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न्यूज अपडेट
- फोटो : Amar Ujala
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मणिपुर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश और कर्फ्यू का उल्लंघन करने का आरोप है। मामले में बिष्णुपुर जिले में हुए बम धमाके के बाद इलाके में बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने कर्फ्यू लगाया था। पुलिस ने यह गिरफ्तारी गुरुवार को हेंगंग थाना क्षेत्र के अहलुप माखा लेकाई से की। पकड़े गए आरोपियों की पहचान यांगोजम बोरिश सिंह (23), मंगसाताबम डेविड सिंह (21), पंगमबम निवास मेइतेई (22), लैतोनजम रोमन सिंह (22), फेरेनजम टोनी (21) और निंगथौजम डेनिश सिंह (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने न केवल कर्फ्यू के नियमों को तोड़ा, बल्कि ड्यूटी पर तैनात जवानों के साथ मारपीट भी की। इस दौरान उन्होंने पुलिस के हथियार छीनने का प्रयास किया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिका ने कहा है कि इस महीने के अंत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन पहुंचेगा, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर आगे चर्चा होगी। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्गेई गोर ने यह जानकारी अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात के बाद दी। उन्होंने कहा कि दोनों देश पहले ही फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमत हो चुके हैं और अब उसे आगे बढ़ाने के लिए बातचीत होगी।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। हाल ही में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका व्यापार सुविधा पोर्टल की शुरुआत की थी। फरवरी में तय ढांचे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना, बाजार तक पहुंच बढ़ाना और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करना है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
सर्गेई गोर ने इस दौरान अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ और अन्य अधिकारियों के साथ ऊर्जा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण खनिज जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले गोर ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा से भी मुलाकात की थी, जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिका ने कहा है कि इस महीने के अंत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन पहुंचेगा, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर आगे चर्चा होगी। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्गेई गोर ने यह जानकारी अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात के बाद दी। उन्होंने कहा कि दोनों देश पहले ही फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमत हो चुके हैं और अब उसे आगे बढ़ाने के लिए बातचीत होगी।
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यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। हाल ही में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका व्यापार सुविधा पोर्टल की शुरुआत की थी। फरवरी में तय ढांचे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना, बाजार तक पहुंच बढ़ाना और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करना है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
सर्गेई गोर ने इस दौरान अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ और अन्य अधिकारियों के साथ ऊर्जा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण खनिज जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले गोर ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा से भी मुलाकात की थी, जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
जनगणना 2027: 5.72 लाख से ज्यादा परिवारों ने खुद ऑनलाइन दर्ज की अपनी जानकारी
भारत में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो गया है। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 5.72 लाख से ज्यादा परिवारों ने सेल्फ-एन्युमरेशन सुविधा का फायदा उठाया है। इसका मतलब है कि इन परिवारों ने खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज की है। जनगणना के इतिहास में पहली बार लोगों को यह डिजिटल विकल्प मिला है। यह प्रक्रिया एक अप्रैल से 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुई है। इनमें गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, मिजोरम, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और दिल्ली के एनडीएमसी व कैंट इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 16 अप्रैल से कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की सूची बनाने का काम शुरू करेंगे।
जो नागरिक ऑनलाइन जानकारी भर रहे हैं, उन्हें एक खास आईडी मिलेगी। जब कर्मचारी उनके घर आएंगे, तो उन्हें बस यह आईडी दिखानी होगी। इस चरण में मकानों और उनमें रहने वाले परिवारों से जुड़े 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनमें घर की बुनियादी सुविधाओं और परिवार के मुखिया से संबंधित जानकारियां शामिल हैं। आजादी के बाद यह देश की आठवीं जनगणना है। यह पूरी तरह डिजिटल होगी और कर्मचारी जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल शुरू होगा।
भारत में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो गया है। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 5.72 लाख से ज्यादा परिवारों ने सेल्फ-एन्युमरेशन सुविधा का फायदा उठाया है। इसका मतलब है कि इन परिवारों ने खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज की है। जनगणना के इतिहास में पहली बार लोगों को यह डिजिटल विकल्प मिला है। यह प्रक्रिया एक अप्रैल से 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुई है। इनमें गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, मिजोरम, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और दिल्ली के एनडीएमसी व कैंट इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 16 अप्रैल से कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की सूची बनाने का काम शुरू करेंगे।
जो नागरिक ऑनलाइन जानकारी भर रहे हैं, उन्हें एक खास आईडी मिलेगी। जब कर्मचारी उनके घर आएंगे, तो उन्हें बस यह आईडी दिखानी होगी। इस चरण में मकानों और उनमें रहने वाले परिवारों से जुड़े 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनमें घर की बुनियादी सुविधाओं और परिवार के मुखिया से संबंधित जानकारियां शामिल हैं। आजादी के बाद यह देश की आठवीं जनगणना है। यह पूरी तरह डिजिटल होगी और कर्मचारी जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल शुरू होगा।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम बांधों की मरम्मत तेज करने के निर्देश दिए
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम सिंचाई परियोजना के तीन खराब बांधों की मरम्मत का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिला बांधों को जल्द से जल्द ठीक करके चालू किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मरम्मत का सारा काम राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) के सुरक्षा नियमों के हिसाब से ही होना चाहिए।
सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने एक खास कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले केंद्रीय जल और बिजली अनुसंधान केंद्र (CWPRS) की जांच और नमूने लेने का काम पूरा हो जाए। इस काम के लिए सिंचाई विभाग, CWPRS और निर्माण एजेंसियों की एक विशेष टीम बनेगी। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अधिकारी भी हर स्तर पर काम की निगरानी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने मेदिगड्डा बांध के केवल खराब हिस्से की नहीं, बल्कि पूरे 1.6 किलोमीटर हिस्से की जांच करने को कहा है। उन्होंने वहां 500 बोरवेल खोदने के लिए जरूरी मशीनें जुटाने और एक बेस कैंप बनाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में देरी बर्दाश्त नहीं होगी और सरकार इसके लिए जरूरी फंड देगी। काम शुरू होने पर मुख्यमंत्री खुद वहां का दौरा करेंगे। यह परियोजना गोदावरी नदी पर बनी है और पिछले चुनाव में बांधों का खराब होना एक बड़ा मुद्दा था।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम सिंचाई परियोजना के तीन खराब बांधों की मरम्मत का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिला बांधों को जल्द से जल्द ठीक करके चालू किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मरम्मत का सारा काम राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) के सुरक्षा नियमों के हिसाब से ही होना चाहिए।
सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने एक खास कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले केंद्रीय जल और बिजली अनुसंधान केंद्र (CWPRS) की जांच और नमूने लेने का काम पूरा हो जाए। इस काम के लिए सिंचाई विभाग, CWPRS और निर्माण एजेंसियों की एक विशेष टीम बनेगी। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अधिकारी भी हर स्तर पर काम की निगरानी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने मेदिगड्डा बांध के केवल खराब हिस्से की नहीं, बल्कि पूरे 1.6 किलोमीटर हिस्से की जांच करने को कहा है। उन्होंने वहां 500 बोरवेल खोदने के लिए जरूरी मशीनें जुटाने और एक बेस कैंप बनाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में देरी बर्दाश्त नहीं होगी और सरकार इसके लिए जरूरी फंड देगी। काम शुरू होने पर मुख्यमंत्री खुद वहां का दौरा करेंगे। यह परियोजना गोदावरी नदी पर बनी है और पिछले चुनाव में बांधों का खराब होना एक बड़ा मुद्दा था।
मणिपुर बम धमाका: दादी ने मुआवजे से किया इनकार, कहा- दोषियों को पकड़ें
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी में हुए बम हमले में दो मासूम बच्चों की जान चली गई थी और बच्चों की मां का इलाज फिलहाल इंफाल के राज मेडिसिटी अस्पताल में चल रहा है। इस बीच, बच्चों की दादी हिजाम लोइदम और एक महिला संगठन ने सरकार के सामने मांग रखी है। बच्चों की दादी हिजाम लोइदम ने सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद लेने से साफ मना कर दिया है। दादी ने राज्य सरकार से मांग रखी है कि पांच दिनों के भीतर दोषियों की पहचान की जाए। उन्होंने रोते हुए सवाल किया कि उन नन्हे बच्चों की क्या गलती थी और उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों मारा गया? परिवार का कहना है कि उन्हें पैसा नहीं बल्कि इंसाफ चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरी घटना की सच्चाई सामने लाने की अपील की है।
कर्फ्यू में ढील के बाद जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार में उमड़ी भीड़
मणिपुर के घाटी जिलों में कर्फ्यू में 3 घंटे की ढील मिलते ही बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए ख्वैरामबंद कैथल बाजार की ओर दौड़ पड़े। घाटी के जिलों में तनाव के कारण पाबंदियां अभी भी लागू हैं। प्रशासन ने लोगों को राशन और जरूरी चीजें जुटाने के लिए सीमित समय की छूट दी है।
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी में हुए बम हमले में दो मासूम बच्चों की जान चली गई थी और बच्चों की मां का इलाज फिलहाल इंफाल के राज मेडिसिटी अस्पताल में चल रहा है। इस बीच, बच्चों की दादी हिजाम लोइदम और एक महिला संगठन ने सरकार के सामने मांग रखी है। बच्चों की दादी हिजाम लोइदम ने सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद लेने से साफ मना कर दिया है। दादी ने राज्य सरकार से मांग रखी है कि पांच दिनों के भीतर दोषियों की पहचान की जाए। उन्होंने रोते हुए सवाल किया कि उन नन्हे बच्चों की क्या गलती थी और उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों मारा गया? परिवार का कहना है कि उन्हें पैसा नहीं बल्कि इंसाफ चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरी घटना की सच्चाई सामने लाने की अपील की है।
कर्फ्यू में ढील के बाद जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार में उमड़ी भीड़
मणिपुर के घाटी जिलों में कर्फ्यू में 3 घंटे की ढील मिलते ही बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए ख्वैरामबंद कैथल बाजार की ओर दौड़ पड़े। घाटी के जिलों में तनाव के कारण पाबंदियां अभी भी लागू हैं। प्रशासन ने लोगों को राशन और जरूरी चीजें जुटाने के लिए सीमित समय की छूट दी है।
त्रिपुरा में आदिवासी परिषद चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की 24 कंपनियां मंजूर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) के चुनावों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 24 कंपनियां मंजूर की हैं। यह चुनाव 12 अप्रैल को होने हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से चार कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं और बाकी 20 कंपनियां भी जल्द ही आ जाएंगी। आमतौर पर एक कंपनी में 100 से 135 जवान होते हैं। इन सुरक्षा बलों में बीएसएफ (BSF), एसएसबी (SSB) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवान शामिल हैं। इन्हें आदिवासी बहुल संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी में पहले से ही 11,000 सुरक्षाकर्मी लगे हुए हैं, यह नई फोर्स उनके अलावा होगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हाल ही में बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद से राज्य में 40 जगहों पर हिंसा की खबरें आई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार हिंसा या डराने-धमकाने के दम पर परिषद पर कब्जा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेगी। 12 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए कुल 1,257 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 311 बूथों को सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) के चुनावों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 24 कंपनियां मंजूर की हैं। यह चुनाव 12 अप्रैल को होने हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से चार कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं और बाकी 20 कंपनियां भी जल्द ही आ जाएंगी। आमतौर पर एक कंपनी में 100 से 135 जवान होते हैं। इन सुरक्षा बलों में बीएसएफ (BSF), एसएसबी (SSB) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवान शामिल हैं। इन्हें आदिवासी बहुल संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी में पहले से ही 11,000 सुरक्षाकर्मी लगे हुए हैं, यह नई फोर्स उनके अलावा होगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हाल ही में बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद से राज्य में 40 जगहों पर हिंसा की खबरें आई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार हिंसा या डराने-धमकाने के दम पर परिषद पर कब्जा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेगी। 12 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए कुल 1,257 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 311 बूथों को सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना गया है।