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Supreme Court: मतदाता सूची फ्रीज करने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 13 अप्रैल को सीजेआई की पीठ करेगी सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Fri, 10 Apr 2026 01:47 PM IST
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सार

इससे पहले छह अप्रैल को पीठ ने इस बात पर संज्ञान लिया था कि पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लगभग 60 लाख दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जा चुका है। कोर्ट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ अपीलों के निपटारे के लिए 19 न्यायाधिकरणों के लिए समान प्रक्रियाएं तैयार करने हेतु पूर्व वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक तीन-सदस्यीय समिति गठित करने को कहा था।

Supreme Court to consider plea against EC s decision to freeze electoral rolls ahead of polls West Bengal SIR
पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर सियासी बवाल - फोटो : PTI
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को फ्रीज करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। चुनाव आयोग के इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 अप्रैल को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले पर नई याचिका के साथ लंबित याचिकाओं पर भी विचार करने पर सहमति जताई।
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चुनाव आयोग ने पहले चरण के मतदान वाली विधानसभा सीटों के लिए नौ अप्रैल को मतदाता सूची को अंतिम रूप देते हुए फ्रीज कर दिया था। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। मतदाता सूची फ्रीज करने का मतलब है कि इस विधानसभा चुनावों के लिए सूची में किसी भी नए व्यक्ति को जोड़ा नहीं जा सकेगा, जिसका नाम हटा दिया गया है।
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मतदाता सूची फ्रीज करने के खिलाफ वकील ने दी क्या दलील?
सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष एक वकील ने मतदाता सूची को फ्रीज करने के फैसले के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई का आग्रह किया। वकील ने बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ कई अपीलें अभी भी लंबित हैं, जबकि चुनाव आयोग ने नौ अप्रैल को ही सूची को फ्रीज कर दिया है।

क्या बोले चुनाव आयोग के अधिवक्ता?
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम 13 अप्रैल को याचिका पर विचार करेंगे। चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी. एस. नायडू ने बताया कि सूची फ्रीज करने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल थी और उसके बाद किसी भी नए नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। नायडू ने यह भी कहा कि वोट देने का अधिकार बना रहेगा और ये याचिकाकर्ता भी वैसे ही हैं, जैसे वे अन्य लोग जिनकी अपीलों को स्वीकार किया गया था।

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