धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन केंद्र, आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र और डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘बुद्ध की शिक्षाओं की प्रासंगिकता’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडेय मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता रहे। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने की।
बौद्ध अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ ने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं केवल धार्मिक और आध्यात्मिक विमर्श तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक समाज की अनेक चुनौतियों के समाधान का मार्ग भी दिखाती हैं।कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने वर्तमान में बुद्ध की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर विचार रखे। डॉ. बालमुकुंद पांडेय ने व्याख्यान में बुद्ध और उनकी शिक्षाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा के व्यापक संदर्भ में प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं भारतीय सनातन परंपरा से अलग नहीं, बल्कि उसी ज्ञानधारा का महत्वपूर्ण और जीवंत आयाम हैं। बुद्ध की ओर से प्रतिपादित मूल्यों और सिद्धांतों की जड़ें वेदों, उपनिषदों और भारतीय दार्शनिक परंपराओं में विद्यमान हैं। ब्यूरो