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Kangra News: पंचायतघर के लिए 45 दिन में तलाशनी होगी जमीन
Sat, 24 Oct 2026 05:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 24 Oct 2026 05:02 AM IST
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। प्रदेश की 284 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया तेज होगी। पंचायती राज विभाग ने संबंधित अधिकारियों को 45 दिन के भीतर उपयुक्त भूमि चिह्नित कर इसे विभाग के नाम हस्तांतरित करवाने के निर्देश दिए हैं।
इनमें 189 नवगठित ग्राम पंचायतें भी शामिल हैं, जहां पंचायत सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। विभाग ने सभी जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को पत्र जारी कर इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है।
प्रत्येक पंचायत घर के निर्माण पर 1.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए कम से कम 10 बिस्वा भूमि पंचायती राज विभाग के नाम हस्तांतरित करवानी होगी। यह भूमि संबंधित ग्राम पंचायत के अधिसूचित मुख्यालय में उपलब्ध होनी चाहिए।
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भूमि का चयन करने से पहले विभाग के तकनीकी अधिकारी उसकी उपयुक्तता और व्यवहार्यता का निरीक्षण करेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि किसी पंचायत के पास उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है तो वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत कम से कम 10 बिस्वा भूमि हस्तांतरित करवाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
वहीं, कोई व्यक्ति पंचायत घर के निर्माण के लिए निजी भूमि दान करना चाहता है तो आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद गिफ्ट डीड के माध्यम से भूमि पंचायती राज विभाग के नाम हस्तांतरित की जाएगी। जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर ने बताया कि विभाग ने 45 दिन में भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभागीय स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
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इनमें 189 नवगठित ग्राम पंचायतें भी शामिल हैं, जहां पंचायत सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। विभाग ने सभी जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को पत्र जारी कर इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है।
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प्रत्येक पंचायत घर के निर्माण पर 1.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए कम से कम 10 बिस्वा भूमि पंचायती राज विभाग के नाम हस्तांतरित करवानी होगी। यह भूमि संबंधित ग्राम पंचायत के अधिसूचित मुख्यालय में उपलब्ध होनी चाहिए।
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भूमि का चयन करने से पहले विभाग के तकनीकी अधिकारी उसकी उपयुक्तता और व्यवहार्यता का निरीक्षण करेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि किसी पंचायत के पास उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है तो वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत कम से कम 10 बिस्वा भूमि हस्तांतरित करवाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
वहीं, कोई व्यक्ति पंचायत घर के निर्माण के लिए निजी भूमि दान करना चाहता है तो आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद गिफ्ट डीड के माध्यम से भूमि पंचायती राज विभाग के नाम हस्तांतरित की जाएगी। जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर ने बताया कि विभाग ने 45 दिन में भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभागीय स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।