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Kullu News: पिपल फाउंडेशन और स्पीति एफपीसी मिलकर बढ़ाएंगे किसानों की आय
Thu, 29 Oct 2026 10:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 29 Oct 2026 10:48 AM IST
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। स्पीति घाटी में किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए पिपल फाउंडेशन और स्पीति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीसी) ने साझेदारी की है।
दोनों संस्थाओं के बीच हुए समझौते के तहत पारंपरिक हिमालयी फसलों को बढ़ावा देने, टिकाऊ कृषि तकनीकों का विस्तार करने और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने पर काम किया जाएगा।
इस पहल के तहत किसान उत्पादक समूहों को सशक्त बनाने के साथ सी-बकथॉर्न के उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा याक पालन सहित पारंपरिक कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित कर स्थानीय लोगों के लिए आय के नए अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा।
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पिपल फाउंडेशन ने स्पीति एफपीसी को सौर ऊर्जा से संचालित स्प्रेयर उपलब्ध करवाया है। इससे किसानों को कृषि कार्यों में उपयुक्त तकनीक अपनाने में सहायता मिलेगी। वहीं, सी-बकथॉर्न उत्पादों की पैकेजिंग और बाजार में पहचान बेहतर बनाने के लिए एफपीसी सदस्यों को प्रिंटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सामग्री भी दी गई है।
पिपल फाउंडेशन के निदेशक अभिषेक कुमार ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में टिकाऊ आजीविका के लिए किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत करना जरूरी है। पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक उद्यमिता के समन्वय से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और स्पीति की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिलेगी। इस साझेदारी से पारंपरिक फसलों, सी-बकथॉर्न और याक आधारित आजीविका को प्रोत्साहन मिलेगा।
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दोनों संस्थाओं के बीच हुए समझौते के तहत पारंपरिक हिमालयी फसलों को बढ़ावा देने, टिकाऊ कृषि तकनीकों का विस्तार करने और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने पर काम किया जाएगा।
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इस पहल के तहत किसान उत्पादक समूहों को सशक्त बनाने के साथ सी-बकथॉर्न के उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा याक पालन सहित पारंपरिक कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित कर स्थानीय लोगों के लिए आय के नए अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा।
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पिपल फाउंडेशन ने स्पीति एफपीसी को सौर ऊर्जा से संचालित स्प्रेयर उपलब्ध करवाया है। इससे किसानों को कृषि कार्यों में उपयुक्त तकनीक अपनाने में सहायता मिलेगी। वहीं, सी-बकथॉर्न उत्पादों की पैकेजिंग और बाजार में पहचान बेहतर बनाने के लिए एफपीसी सदस्यों को प्रिंटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सामग्री भी दी गई है।
पिपल फाउंडेशन के निदेशक अभिषेक कुमार ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में टिकाऊ आजीविका के लिए किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत करना जरूरी है। पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक उद्यमिता के समन्वय से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और स्पीति की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिलेगी। इस साझेदारी से पारंपरिक फसलों, सी-बकथॉर्न और याक आधारित आजीविका को प्रोत्साहन मिलेगा।