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Kullu News: दो दशक से फल-सब्जियां बेच रहीं महिलाएं फुटपाथ से हटाईं
Thu, 17 Sep 2026 10:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 17 Sep 2026 10:53 AM IST
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कुल्लू। ढालपुर में दो दशक से अधिक समय से फल-सब्जियां बेचकर परिवार पाल रही ग्रामीण महिलाओं को नगर परिषद कुल्लू ने फुटपाथ से हटा दिया है।
ये महिलाएं ढालपुर स्थित आयुष अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर फल-सब्जियां बेचकर आजीविका कमा रही थीं। नगर परिषद की कार्रवाई से बस्तोरी पंचायत की 50 से अधिक महिलाओं के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
ढालपुर में सब्जियां बेचने वाली अधिकतर महिलाएं भेखलीधार क्षेत्र की रहने वाली हैं। महिलाओं का कहना है कि प्राकृतिक खेती से तैयार फल और सब्जियां बेचकर वे अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। अब उन्हें यहां से हटाए जाने के बाद परिवार का खर्च चलाना चुनौती बन गया है।
ग्रामीण महिलाएं गीता देवी, निर्मला देवी और सरला ने कहा कि वे लंबे समय से यहां फल-सब्जियां बेचकर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। अब उन्हें हटा दिया गया है। इससे उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।
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बस्तोरी पंचायत की प्रधान सुरेखा ठाकुर ने कहा कि महिलाओं को उचित स्थान दिया जाना चाहिए। जो महिलाएं कील्टे में ताजी सब्जियां लेकर आती हैं, उन्हें ही स्थान मिलना चाहिए। सब्जी मंडी से सब्जियां खरीदकर बेचने वालों को वहां से हटाया जाना चाहिए। ये महिलाएं दो दशकों से फल और सब्जियां बेचकर रोजगार कमा रही हैं।
इसके अलावा क्षेत्रीय अस्पताल के बाहर रेहड़ी-फड़ी और फुटपाथ पर सामान बेचने वालों के खिलाफ भी नगर परिषद ने कार्रवाई की है। दोनों स्थानों से सामान जब्त किया गया है। नगर परिषद की कार्रवाई पर लोग सवाल भी उठा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जब इन लोगों से नगर परिषद रोज तहबाजारी वसूल करती है तो उनके संरक्षण के लिए भी प्रशासन और नगर परिषद को कदम उठाने चाहिए।
लोगों ने कहा कि शहर में रेहड़ी-फड़ी लगाकर रोजगार कमा रहे लोगों के लिए प्रशासन और नगर परिषद को वेंडर पॉलिसी के तहत उचित स्थान और रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष कुल्लू आशा ठाकुर ने कहा कि उनके पास लोगों की बार-बार शिकायतें आ रही थीं। ऐसे में नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए सामान जब्त किया है।
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ये महिलाएं ढालपुर स्थित आयुष अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर फल-सब्जियां बेचकर आजीविका कमा रही थीं। नगर परिषद की कार्रवाई से बस्तोरी पंचायत की 50 से अधिक महिलाओं के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
ढालपुर में सब्जियां बेचने वाली अधिकतर महिलाएं भेखलीधार क्षेत्र की रहने वाली हैं। महिलाओं का कहना है कि प्राकृतिक खेती से तैयार फल और सब्जियां बेचकर वे अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। अब उन्हें यहां से हटाए जाने के बाद परिवार का खर्च चलाना चुनौती बन गया है।
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ग्रामीण महिलाएं गीता देवी, निर्मला देवी और सरला ने कहा कि वे लंबे समय से यहां फल-सब्जियां बेचकर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। अब उन्हें हटा दिया गया है। इससे उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।
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बस्तोरी पंचायत की प्रधान सुरेखा ठाकुर ने कहा कि महिलाओं को उचित स्थान दिया जाना चाहिए। जो महिलाएं कील्टे में ताजी सब्जियां लेकर आती हैं, उन्हें ही स्थान मिलना चाहिए। सब्जी मंडी से सब्जियां खरीदकर बेचने वालों को वहां से हटाया जाना चाहिए। ये महिलाएं दो दशकों से फल और सब्जियां बेचकर रोजगार कमा रही हैं।
इसके अलावा क्षेत्रीय अस्पताल के बाहर रेहड़ी-फड़ी और फुटपाथ पर सामान बेचने वालों के खिलाफ भी नगर परिषद ने कार्रवाई की है। दोनों स्थानों से सामान जब्त किया गया है। नगर परिषद की कार्रवाई पर लोग सवाल भी उठा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जब इन लोगों से नगर परिषद रोज तहबाजारी वसूल करती है तो उनके संरक्षण के लिए भी प्रशासन और नगर परिषद को कदम उठाने चाहिए।
लोगों ने कहा कि शहर में रेहड़ी-फड़ी लगाकर रोजगार कमा रहे लोगों के लिए प्रशासन और नगर परिषद को वेंडर पॉलिसी के तहत उचित स्थान और रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष कुल्लू आशा ठाकुर ने कहा कि उनके पास लोगों की बार-बार शिकायतें आ रही थीं। ऐसे में नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए सामान जब्त किया है।