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हिमाचल प्रदेश: डयोड टनल खोलने की तैयारी तेज, ट्रायल पूरा; दो-तीन दिन में शुरू हो सकता है यातायात; जानें फायदे
Mon, 07 Sep 2026 03:46 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, पंडोह (मंडी)।
संवाद न्यूज एजेंसी, पंडोह (मंडी)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 07 Sep 2026 03:46 PM IST
सार
कीरतपुर-मनाली फोरलेन के डयोड-हणोगी टनल में सोमवार को यातायात का ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान कुछ सुरक्षा कमियां सामने आईं, जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार दो से तीन दिन में सुरक्षा मानक पूरे होने के बाद यातायात शुरू किया जा सकता है। इससे मंडी-कुल्लू सफर में 15 से 20 मिनट की बचत होगी।
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डयोड टनल का निरीक्षण करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
कीरतपुर-मनाली फोरलेन के तहत मंडी से कुल्लू के बीच यात्रियों को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सोमवार को एनएचएआई के बोर्ड सदस्य विपनेश शर्मा की मौजूदगी में डयोड व हणोगी टनल से यातायात का ट्रायल किया गया। इसके बाद पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी यहां पहुंचे और उन्होंने भी टनलों का जायजा लिया। ट्रायल में सुरक्षा संबंधी कुछ कमियां सामने आई हैं। सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद यातायात सुचारू कर दिया जाएगा। इसमें करीब दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
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निरीक्षण के दौरान टनल के भीतर और बाहर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। टनल से बाहर निकलने के बाद पुराने मार्ग से जुड़ने वाले स्थान का निरीक्षण किया गया। ताकि वाहनों को किसी तरह की परेशानी न हो और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी सुरक्षा मानक पूरे होने के बाद ही टनल को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाए।
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डयोड टनल के यातायात के लिए खुलने के बाद मंडी से कुल्लू तक का सफर काफी हद तक सुगम होने की उम्मीद है। वर्तमान में जोगणी माता मंदिर के समीप अकसर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण कई बार पुराने मार्ग पर यातायात बाधित हो जाता है। टनल के सुचारू होने से यात्रियों को जाम और बार-बार होने वाले अवरोध से राहत मिलेगी। मंडी से कुल्लू के बीच करीब 15 से 20 मिनट सफर कम हो जाएगा। प्रारंभिक चरण में वाहनों की आवाजाही एक ही टनल से करवाई जाएगी।
उधर, एनएचएआई के बोर्ड सदस्य विपनेश शर्मा ने कहा कि सामरिक दृष्टि से यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। अभी यहां जायजा लेने के बाद कुछ सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, एनएचएआई के आरओ कर्नल अजय सिंह बरगोती, प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी व अन्य मौजूद रहे।
2600 करोड़ के प्रोजेक्ट का प्रवेश द्वार हुआ शुरू
पंडोह बायपास टकोली प्रोजेक्ट में 10 टनलें बनी हैं। डयोड से हणोगी तक बनी चार टनलें इस प्रोजेक्ट का प्रवेश द्वार हैं। इनमें से अभी एक साइड की दो टनलों को ही यातायात के लिए खोला जाएगा जिनकी लंबाई 2.8 किमी और 650 मीटर है। खोतीनाला के पास इन दोनों टनलों को आपस में जोड़ने के लिए 45 मीटर ऊंचा और 140 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। हणोगी के पास बरसात के कारण टनलों के मुहाने पर हुए नुकसान के बाद करीब 54 करोड़ से मरम्मत करवाने के बाद इसे बनाकर तैयार कर दिया गया है।
पंडोह बायपास टकोली प्रोजेक्ट में 10 टनलें बनी हैं। डयोड से हणोगी तक बनी चार टनलें इस प्रोजेक्ट का प्रवेश द्वार हैं। इनमें से अभी एक साइड की दो टनलों को ही यातायात के लिए खोला जाएगा जिनकी लंबाई 2.8 किमी और 650 मीटर है। खोतीनाला के पास इन दोनों टनलों को आपस में जोड़ने के लिए 45 मीटर ऊंचा और 140 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। हणोगी के पास बरसात के कारण टनलों के मुहाने पर हुए नुकसान के बाद करीब 54 करोड़ से मरम्मत करवाने के बाद इसे बनाकर तैयार कर दिया गया है।