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Mandi News: मांग के अनुसार उपलब्ध नहीं हो पा रहीं जरूरी दवाएं और ग्लूकोज
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जोगिंद्रनगर उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ी परेशानी
कुछ अस्पताल से तो कुछ बाजार से खरीदनी पड़ रहीं दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। गर्मी बढ़ने के साथ जोगिंद्रनगर उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में डी-हाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर अस्पतालों में जरूरी दवाओं और ग्लूकोज की आपूर्ति मांग अनुसार नहीं हो पा रही है। इस बीच उपचार के दौरान मरीजों के तीमारदारों को ग्लूकोज और जीवनरक्षक दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं।
उपमंडल के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को उपचार के दौरान दवा खरीदने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में गर्मी बढ़ते ही डी-हाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। आपातकालीन वार्ड में एक बिस्तर पर दो-दो मरीजों को उपचार देना पड़ रहा है।
उपमंडल के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में नॉर्मल सलाइन (एनएस), रिंगर लैक्टेट (आरएल), डेक्सट्रोज नॉर्मल सलाइन (डीएनएस) और डेक्सट्रोज ग्लूकोज की बोतलों की मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सिविल अस्पताल लडभड़ोल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंतड़ा में भी इन दवाओं और ग्लूकोज संबंधी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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उधर, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को ग्लूकोज और जीवनरक्षक दवाओं की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। जिन दवाओं की कमी रहती है, उन्हें अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर खरीदकर मरीजों को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कुछ अस्पताल से तो कुछ बाजार से खरीदनी पड़ रहीं दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। गर्मी बढ़ने के साथ जोगिंद्रनगर उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में डी-हाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर अस्पतालों में जरूरी दवाओं और ग्लूकोज की आपूर्ति मांग अनुसार नहीं हो पा रही है। इस बीच उपचार के दौरान मरीजों के तीमारदारों को ग्लूकोज और जीवनरक्षक दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं।
उपमंडल के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को उपचार के दौरान दवा खरीदने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में गर्मी बढ़ते ही डी-हाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। आपातकालीन वार्ड में एक बिस्तर पर दो-दो मरीजों को उपचार देना पड़ रहा है।
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उपमंडल के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में नॉर्मल सलाइन (एनएस), रिंगर लैक्टेट (आरएल), डेक्सट्रोज नॉर्मल सलाइन (डीएनएस) और डेक्सट्रोज ग्लूकोज की बोतलों की मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सिविल अस्पताल लडभड़ोल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंतड़ा में भी इन दवाओं और ग्लूकोज संबंधी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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