{"_id":"6978fa47700b024ae70f5bcc","slug":"lack-of-school-buildings-childrens-education-is-being-conducted-in-private-shops-mandi-news-c-90-1-mnd1021-183857-2026-01-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: स्कूल भवन का अभाव, निजी दुकानों में चल रहा बच्चों का पठन-पाठन कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: स्कूल भवन का अभाव, निजी दुकानों में चल रहा बच्चों का पठन-पाठन कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 28 Jan 2026 07:17 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सुंदरनगर (मंडी)। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर शिक्षा में आधारभूत ढांचे को लेकर प्रदेश सरकार के दावों की पोल सुंदरनगर का राजकीय प्राथमिक स्कूल अलसू खोल रहा है।
चार साल से स्कूल का कार्य व विद्यार्थियों का पठन पाठन कार्य निजी भवन की दो दुकानों में चलाया जा रहा है। बच्चों की करीब 65 की संख्या के इस स्कूल की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि स्कूल का कुछ हिस्सा फोरलेन की चपेट में आ गया।
स्कूल निजी दुकानों में शिफ्ट तो हो गया मगर जिस जमीन पर स्कूल चलता था, उस पर हाई स्कूल वालों ने कब्जा कर लिया और सरकार ने इस हाई स्कूल को एक नया भवन भी बनवा दिया।
हाल ही में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस स्कूल का उद्घाटन किया है मगर मंत्री को स्कूल की एसएमसी कमेटी के ज्ञापन के माध्यम से पता चला कि प्राइमरी स्कूल को चलाने के लिए भवन ही नहीं है। दुखद बात यह है कि मंत्री ने हाई स्कूल के ऊपर अतिरिक्त भवन बनाने की मंजूरी दे दी मगर प्राथमिक पाठशाला के लिए एक शब्द नहीं कहा।
चार साल पहले एनएचएआई की फोरलेन परियोजना की जद में राजकीय प्राथमिक पाठशाला अलसू आ गया था। इस पर एनएचएआई ने दूसरी जगह स्कूल भवन बनवाने के लिए करीब 40 लाख रुपये भी जमा करवा दिए।
अलसू का हाई स्कूल भी इसी प्राथमिक स्कूल के अपग्रेड होने के बाद बन गया था मगर प्राथमिक स्कूल के बच्चों के अभिभावक इस बात से दुखी हैं कि उनके 65 बच्चे निजी दुकानों में पढ़ रहे हैं जबकि हाई स्कूल के 55 बच्चे सरकारी परिसर में पढ़ रहे हैं।
Trending Videos
चार साल से स्कूल का कार्य व विद्यार्थियों का पठन पाठन कार्य निजी भवन की दो दुकानों में चलाया जा रहा है। बच्चों की करीब 65 की संख्या के इस स्कूल की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि स्कूल का कुछ हिस्सा फोरलेन की चपेट में आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल निजी दुकानों में शिफ्ट तो हो गया मगर जिस जमीन पर स्कूल चलता था, उस पर हाई स्कूल वालों ने कब्जा कर लिया और सरकार ने इस हाई स्कूल को एक नया भवन भी बनवा दिया।
हाल ही में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस स्कूल का उद्घाटन किया है मगर मंत्री को स्कूल की एसएमसी कमेटी के ज्ञापन के माध्यम से पता चला कि प्राइमरी स्कूल को चलाने के लिए भवन ही नहीं है। दुखद बात यह है कि मंत्री ने हाई स्कूल के ऊपर अतिरिक्त भवन बनाने की मंजूरी दे दी मगर प्राथमिक पाठशाला के लिए एक शब्द नहीं कहा।
चार साल पहले एनएचएआई की फोरलेन परियोजना की जद में राजकीय प्राथमिक पाठशाला अलसू आ गया था। इस पर एनएचएआई ने दूसरी जगह स्कूल भवन बनवाने के लिए करीब 40 लाख रुपये भी जमा करवा दिए।
अलसू का हाई स्कूल भी इसी प्राथमिक स्कूल के अपग्रेड होने के बाद बन गया था मगर प्राथमिक स्कूल के बच्चों के अभिभावक इस बात से दुखी हैं कि उनके 65 बच्चे निजी दुकानों में पढ़ रहे हैं जबकि हाई स्कूल के 55 बच्चे सरकारी परिसर में पढ़ रहे हैं।