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Mandi News: पत्नी और दो बेटियों को 10 हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने के आदेश
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फैमिली कोर्ट मंडी ने दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। फैमिली कोर्ट मंडी ने पत्नी और दो नाबालिग बेटियों के भरण-पोषण के लिए पति को कुल 10 हजार रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए हैं। यह राशि 6 जुलाई 2026 को याचिका दायर करने की तारीख से देय होगी।
पम्मी कुमारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के तहत पति सेवक राम से 15 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण की मांग की थी। याचिका के अनुसार दोनों की शादी 2016 में हुई थी और उनकी सात व पांच वर्ष की दो बेटियां हैं। महिला ने आरोप लगाया कि पति ने मारपीट कर 13 मई 2026 को उसे दोनों बेटियों सहित घर से निकाल दिया, जिसके बाद वह मंडी में किराये के मकान में रह रही है। पति के अदालत में पेश न होने पर मामला एकतरफा चला। अदालत ने पत्नी को 5 हजार और दोनों बेटियों को 2,500-2,500 रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया। अदालत ने पत्नी की कोई स्वतंत्र आय न होने, बेटियों की देखभाल और पति के मोटर मेकेनिक होने व उसकी आय को ध्यान में रखते हुए यह राशि तय की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। फैमिली कोर्ट मंडी ने पत्नी और दो नाबालिग बेटियों के भरण-पोषण के लिए पति को कुल 10 हजार रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए हैं। यह राशि 6 जुलाई 2026 को याचिका दायर करने की तारीख से देय होगी।
पम्मी कुमारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के तहत पति सेवक राम से 15 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण की मांग की थी। याचिका के अनुसार दोनों की शादी 2016 में हुई थी और उनकी सात व पांच वर्ष की दो बेटियां हैं। महिला ने आरोप लगाया कि पति ने मारपीट कर 13 मई 2026 को उसे दोनों बेटियों सहित घर से निकाल दिया, जिसके बाद वह मंडी में किराये के मकान में रह रही है। पति के अदालत में पेश न होने पर मामला एकतरफा चला। अदालत ने पत्नी को 5 हजार और दोनों बेटियों को 2,500-2,500 रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया। अदालत ने पत्नी की कोई स्वतंत्र आय न होने, बेटियों की देखभाल और पति के मोटर मेकेनिक होने व उसकी आय को ध्यान में रखते हुए यह राशि तय की।
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