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Mandi News: सर्दियों की दस्तक से एमसीएच में बढ़े बाल रोगी

Sun, 25 Oct 2026 11:49 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 11:49 PM IST
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Rise in pediatric patients at MCH with the onset of winter
मौसम बदलते ही सर्दी, खांसी और निमोनिया की चपेट में आ रहे नौनिहाल
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ओपीडी में उपचार के लिए रोजाना पहुंचाए जा रहे करीब 120 रोगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सर्दियों की दस्तक के साथ ही मंडी जिले में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में तेज धूप के कारण बच्चे तेजी से मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) मंडी में इन दिनों बाल रोगियों की ओपीडी में भीड़ बढ़ गई है। अस्पताल में रोजाना खांसी, जुकाम, बुखार, छाती में जकड़न और निमोनिया से पीड़ित शिशुओं व बच्चों को उपचार के लिए लाया जा रहा है। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
एमसीएच में रोजाना बाल रोगियों की करीब 120 ओपीडी दर्ज की जा रही है। इनमें लगभग 70 बच्चे मौसमी बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ बच्चों की जांच कर उनकी स्थिति के अनुसार पैरासिटामोल ड्रॉप्स, सिरप और अन्य आवश्यक दवाइयां दे रहे हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार धूल-मिट्टी के संपर्क में आने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बच्चों में गले से संबंधित समस्याएं बढ़ रही हैं। कई बच्चों की छाती में जकड़न के साथ घरघराहट या सीटी जैसी आवाज आने की शिकायत भी मिल रही है। चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को एंटीबायोटिक या कफ सिरप न दें।
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बच्चों को ठंड से बचाने की सलाह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौहान ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि, अस्पताल में तैनात चिकित्सक मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े, जुराबें, स्वेटर और टोपी पहनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को छूने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो।

डॉ. चौहान ने बताया कि बच्चों की मालिश के लिए गुनगुने सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने सलाह दी कि यदि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो, तेज बुखार बना रहे, वह अत्यधिक सुस्त हो जाए या दूध-पानी पीना बंद कर दे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। सर्दी
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