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एनआईटी का दीक्षांत समारोह: 1265 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां, 35 को स्वर्ण पदक, खिले चेहरे
Fri, 23 Oct 2026 07:36 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 23 Oct 2026 07:36 PM IST
सार
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल ने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और समाज कल्याण को प्राथमिकता देने की अपील की।
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एनआईटी हमीरपुर का दीक्षांत समारोह।
- फोटो : संवाद
विस्तार
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के 17वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों से ‘राष्ट्र प्रथम, स्वयं अंतिम’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया। शुक्रवार को आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल ने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और समाज कल्याण को प्राथमिकता देने की अपील की। समारोह में कुल 1265 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं, मेधावी विद्यार्थियों को 35 स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। उपाधियां और पदक पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे।
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डॉ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचाने में युवाओं की अहम भूमिका होगी। इसके लिए ज्ञान, नवाचार, चरित्र और समर्पण जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, स्वतंत्र सोच विकसित करने और तकनीक के केवल उपभोक्ता बनने के बजाय उसके निर्माता बनने की सलाह दी। समारोह में 26 पीएचडी, 380 स्नातकोत्तर उपाधियां एवं डिप्लोमा और 859 स्नातक उपाधियां प्रदान की गईं। वास्तुकला विभाग की छात्रा गौरिका को सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए निदेशक पदक से सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास पर जोर दिया। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हर्षवर्धन नियोटिया का संदेश अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. आरके दत्ता ने पढ़कर सुनाया। संदेश में विद्यार्थियों से स्वतंत्र सोच, नवाचार, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की अपील की गई। समारोह में संस्थान के शिक्षक, अधिकारी, सीनेट और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, विद्यार्थी तथा उनके अभिभावक उपस्थित रहे। कुलसचिव एवं सीनेट सचिव डॉ. अर्चना संतोष नानोटी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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