सूर्या: सनी देओल की अगली फिल्म पर बढ़ा बवाल, IMA और AIIMS के डॉक्टरों ने जताई नाराजगी; CBFC से की ये अपील
- सनी देओल की आने वाली फिल्म 'सूर्या' विवादों में घिर गई है।
- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और दिल्ली एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने टीजर की कड़ी आलोचना की है।
- उनका आरोप है कि फिल्म में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को सही ठहराने की कोशिश की गई है।
विस्तार
IMA ने लगाए ये आरोप
IMA के वित्त सचिव डॉ. पीयूष जैन ने कहा कि हर दिन हजारों डॉक्टर मुश्किल परिस्थितियों में भी पूरी लगन, समर्पण और त्याग के साथ लोगों की सेवा करते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ गलत काम करने के सबूत मिलते हैं, तो उसकी जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। लेकिन कुछ लोगों की गलतियों के लिए पूरे पेशे को बदनाम करना सही नहीं है।
डॉ. जैन ने यह भी कहा, 'डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। इससे डॉक्टर और मरीज के बीच भरोसे का रिश्ता कमजोर होने का खतरा है। डॉक्टरों को बदनाम करना बंद कीजिए। उन लोगों की सुरक्षा कीजिए, जो दूसरों की जान बचाते हैं।'
दिल्ली एम्स की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने भी फिल्म के टीजर की आलोचना की है। संगठन का आरोप है कि टीजर में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट को दिखाया गया है और इस तरह की हिंसा को बढ़ावा मिलता है।
एसोसिएशन के मुताबिक, टीजर में फिल्म का मुख्य किरदार अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टाफ के साथ गंभीर शारीरिक हिंसा और मारपीट करता नजर आता है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि टीजर के डायलॉग इस तरह की घटनाओं को सही ठहराते हैं और उनका समर्थन करते हैं।
RDA ने कहा कि सिनेमा लोगों की सोच और सामाजिक व्यवहार पर गहरा असर डालता है। ऐसे में डॉक्टरों के खिलाफ मारपीट और कानून अपने हाथ में लेने जैसी घटनाओं को सामान्य या सही दिखाना समाज को गलत संदेश दे सकता है।
संगठन ने कहा कि इस तरह के सनसनीखेज दृश्य लोगों को गुमराह कर सकते हैं और देशभर में स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ पहले से हो रही हिंसा को और बढ़ा सकते हैं।
एसोसिएशन ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और फिल्म निर्माताओं से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की अपील की है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि फिल्म की सामग्री मेडिकल पेशे से जुड़े लोगों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा न दे और न ही उसे सही ठहराए।
इस मामले में IMA की गुजरात शाखा ने भी केंद्र सरकार और CBFC से फिल्म की पूरी सामग्री की समीक्षा करने की मांग की है। इसमें फिल्म के डायलॉग, डॉक्टरों और अस्पतालों को दिखाने वाले दृश्य और प्रचार सामग्री शामिल हैं। यह मांग फिल्म की 20 नवंबर को होने वाली रिलीज से पहले की गई है।
ये भी पढ़ें- दलेर मेहंदी: 'क्या मंत्री को ऐसे बात करनी चाहिए?' सिंगर के अपमान पर भड़के मीका सिंह, की माफी मांगने की अपील
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को भेजे गए पत्र में संगठन ने स्पष्ट किया कि उसे मेडिकल लापरवाही की वास्तविक घटनाओं को दिखाने पर आपत्ति नहीं है। उसकी चिंता इस बात को लेकर है कि फिल्म में पक्षपातपूर्ण तरीके से पूरे मेडिकल पेशे को गलत रूप में पेश किया जा सकता है।
कब रिलीज होने वाली है फिल्म?
- फिल्म का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है।
- फिल्म की कास्ट में सनी देओल के अलावा रवि किशन, प्रज्ञा जयसवाल, तनुश्री चक्रवर्ती, मनीष वाधवा, टीनू आनंद भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
- इसके साथ ही वीरती वाघानी, जिशु सेनगुप्ता, खालिद सिद्दीकी, अनूप त्रिवेदी और रोहित तिवारी भी फिल्म में नजर आएंगे।
- फिल्म 20 नवंबर को रिलीज होने वाली है।