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तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सीय जांच कराएं : डॉ. अंकुश

Fri, 14 Aug 2026 11:15 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:15 PM IST
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स्क्रब टायफस से बचाव बारे स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)।
बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के बढ़ते खतरे को देखते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी कुमारसैन डॉ. अंकुश ठाकुर ने क्षेत्र की जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सलाह में लोगों को संक्रमित सूक्ष्म माइट के काटने से बचने और लगातार बुखार होने पर तुरंत चिकित्सीय जांच करवाने के लिए कहा गया है। डॉ. अंकुश ठाकुर ने बताया कि स्क्रब टायफस एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित सूक्ष्म माइट के काटने से फैलती है। ये माइट सामान्यतः घास, झाड़ियों, खेतों, बगीचों और घनी वनस्पति वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। बरसात के मौसम में ऐसे स्थानों पर इनका संपर्क बढ़ने के कारण संक्रमण का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले और खेतों, जंगलों, बगीचों में कार्य करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खेतों, झाड़ियों और घनी घास वाले क्षेत्रों में अनावश्यक जाने से बचना चाहिए। यदि किसी कार्य से ऐसे स्थानों पर जाना जरूरी हो तो पूरी आस्तीन के कपड़े, लंबी पैंट और बंद जूते पहनने चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को घरों के आसपास भी साफ-सफाई रखने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि स्क्रब टायफस होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना, अत्यधिक कमजोरी और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में माइट के काटने वाली जगह पर काले या भूरे रंग की पपड़ी जैसा घाव भी दिखाई दे सकता है, हालांकि यह हर मरीज में होना जरूरी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लगातार बने रहने वाले बुखार को नजरअंदाज न करें। विशेषकर यदि खेतों, जंगलों, झाड़ियों या घास वाले क्षेत्रों में जाने के बाद बुखार हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में चिकित्सीय जांच करवाएं। बिना चिकित्सीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें।
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