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Rampur Bushahar News: रोजगार, प्रदूषण और दरारों के मुआवजे को तरस रहे लूहरी परियोजना के प्रभावित

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:06 PM IST
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Strategy prepared for demonstration outside the Secretariat in Shimla
लूहरी परियोजना  प्रभावितों की बैठक में मौजूद प्रभावित किसान। स्रोत : किसान सभा
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बैठक में 19 जनवरी को शिमला में सचिवालय के बाहर होने वाले प्रदर्शन की रणनीति की तैयार
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कई साल से प्रभावितों की सरकार, प्रशासन और न ही परियोजना प्रबंधन कर रही सुनवाई
लंंबित समस्याएं नहीं सुलझीं तो 6 मार्च से लूहरी परियोजना का कार्य करेंगे बंद : राकेश सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। कई साल से लूहरी परियोजना के प्रभावित रोजगार, फसलों को हुए नुकसान और घरों में आईं दरारों के मुआवजे के लिए तरस रहे हैं। प्रभावितों की सरकार, प्रशासन और परियोजना प्रबंधन कोई सुनवाई नहीं ले रहे हैं। यदि जल्द लंबित समस्याएं नहीं सुलझीं, तो 6 मार्च को परियोजना का कार्य बंद किया जाएगा। यह बात भद्राश में आयोजित बैठक में किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा ने कही। शनिवार को हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी की बैठक भद्राश में किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों के मुद्दों पर चर्चा की गई और 19 जनवरी को शिमला में सचिवालय के बाहर होने वाले प्रदर्शन को लेकर रणनीति तैयार की। बैठक में किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा और किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद ने कहा कि लूहरी परियोजना के बनने से प्रभावित पंचायतों के किसानों को जो उम्मीद थी, उस पर यह परियोजना खरी नहीं उतर पाई है। इसके लिए प्रदेश सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम जिम्मेवार हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के निर्माण में जिन परिवारों ने अपनी जमीन दी है, उनमें से आज भी 128 परिवार ऐसे हैं, जिनको अभी तक एकमुश्त राशि और रोजगार नहीं मिला है। परियोजना के निर्माण से धूल से फसल के नुकसान का मुआवजा अभी तक केवल देलठ, नीरथ, फाटी और नित्थर में वर्ष 2021-22 का ही दिया गया है, बाकी का अभी तक दिया नहीं गया है। उन्होंने कहा कि ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का मुआवजा आज तक सिर्फ देलठ, शमाथला और नीरथ पंचायत में ही दिया गया है। प्रभावित किसानों की समस्याओं को कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष उठाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यूनियन ने चेताया कि यदि समय पर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 6 मार्च से परियोजना का कार्य बंद किया जाएगा। इस अवसर पर कृष्णा राणा, प्रेम चौहान, रणजीत, हरदयाल, हरीश, कपूर, कमलेश, चंपा, हीरा देवी, रेखा, अशोक, काकू कश्यप, जोगिंद्र, कृष्ण, चमन, देवेंद्र, ऋषि, नरेश, वीरेंद्र, सीमा और अंकुश सहित कई मौजूद रहे।
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