{"_id":"69679a351ca24422df0885d5","slug":"villagers-are-waiting-for-the-construction-of-nine-proposed-roads-in-the-1520-area-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-152179-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: बजट, एफसीए और एफआरए के फेर में फंसीं सड़कें, राह ताक रहे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: बजट, एफसीए और एफआरए के फेर में फंसीं सड़कें, राह ताक रहे ग्रामीण
विज्ञापन
विज्ञापन
सात पंचायतों के लिए प्रस्तावित सड़कों के निर्माण की राह ताक रहे हजारों ग्रामीण
15/20 क्षेत्र में प्रस्तावित नौ सड़कों के बनने का इंतजार कर रहे ग्रामीण
मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री और सातवें वित्तायोग अध्यक्ष से उठाई जल्द निर्माण की मांग
बागवान आज भी पीठ पर ढोकर सड़कों तक पहुंचा रहे अपनी नकदी फसल सेब
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के दुर्गम क्षेत्र 15/20 के हजारों ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा मिलने की राह ताक रहे हैं। क्षेत्र की सात पंचायतों के 16 गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। दुर्गम क्षेत्र के इन गांवों को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की योजना तो बनी, लेकिन बजट, एफसीए और एफआरए के फेर में सड़कों का निर्माण लटका हुआ है। ग्रामीण लंबे समय से प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से इन सड़कों का जल्द निर्माण करने की मांग उठाते आ रहे हैं। 15/20 क्षेत्र के ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। सड़क सुविधा न होने से ग्रामीणों को आवाजाही करने, जरूरत का सामान गांव पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे अधिक परेशानी सेब उत्पादकों को पेश आ रही है। क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया बागवानी है और यहां हर वर्ष सेब की करीब 40 से 50 हजार पेटियों का उत्पादन होता है। सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीण पीठ पर ढोकर अपनी नकदी फसलों को सड़कों तक पहुंचा रहे हैं।
सड़क सुविधा से वंचित गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए करीब नौ सड़कों के निर्माण की योजना तैयार की, लेकिन कहीं बजट तो कहीं एफसीए और एफआरए के कारण अब तक सड़कों का निर्माण सिरे नहीं चढ़ पाया। दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीण आज भी वर्षों पुरानी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पिछड़े क्षेत्र के लिए प्रस्तावित फांचा-नंती टिक्कर, फांचा से फांचा कंडा, पाठपूंजा से कुई माउड़ी, कावबील पेरी से भींती सड़क के निर्माण को सरकार से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन बजट के अभाव में सड़क का निर्माण लटका हुआ है। इसके अलावा सरपारा से लबाना सदाना, गानवी से घलाड़ी-मदारा-नीनवी, जघोरी से टिक्कर नंती, पाजीधार से पशगांव और क्याव से बड़ावन अनपा के लिए टोकन बजट और एफसीए, एफआरए मंजूरी अभी भी नहीं मिल पाई है। ऐसे में सात पंचायतों के ग्रामीण आधुनिकता के दौर में भी यातायात सुविधा से वंचित हैं।
15/20 क्षेत्र की विकास सभा के अध्यक्ष मोहन, गीताराम नेगी, सैंज राम, कूट पंचायत प्रधान रत्न डोगरा, विजय माटेट, जगजीत, नेक राम, सुरेंद्र, दुर्गा सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी कर सड़कों के निर्माण शुरू करने की मांग की है।
क्षेत्र के ये गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित
जघोरी पंचायत के चौथण, मराज, शालधार, टिक्कर, कुई माउड़ी, भाजवी, क्याव पंचायत के बड़ावन, अनपा, गानवी पंचायत के निनवी, छलाड़ी, मधारा, मोहाली, पशगांव, लबाना सदाना पंचायत के कोट, कूट पंचायत के सुरू और फांचा पंचायत के नंती टिक्कर गांव के ग्रामीण दशकों से सड़क सुविधा के बगैर परेशानी झेल रहे हैं।
Trending Videos
15/20 क्षेत्र में प्रस्तावित नौ सड़कों के बनने का इंतजार कर रहे ग्रामीण
मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री और सातवें वित्तायोग अध्यक्ष से उठाई जल्द निर्माण की मांग
बागवान आज भी पीठ पर ढोकर सड़कों तक पहुंचा रहे अपनी नकदी फसल सेब
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के दुर्गम क्षेत्र 15/20 के हजारों ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा मिलने की राह ताक रहे हैं। क्षेत्र की सात पंचायतों के 16 गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। दुर्गम क्षेत्र के इन गांवों को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की योजना तो बनी, लेकिन बजट, एफसीए और एफआरए के फेर में सड़कों का निर्माण लटका हुआ है। ग्रामीण लंबे समय से प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से इन सड़कों का जल्द निर्माण करने की मांग उठाते आ रहे हैं। 15/20 क्षेत्र के ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। सड़क सुविधा न होने से ग्रामीणों को आवाजाही करने, जरूरत का सामान गांव पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे अधिक परेशानी सेब उत्पादकों को पेश आ रही है। क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया बागवानी है और यहां हर वर्ष सेब की करीब 40 से 50 हजार पेटियों का उत्पादन होता है। सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीण पीठ पर ढोकर अपनी नकदी फसलों को सड़कों तक पहुंचा रहे हैं।
सड़क सुविधा से वंचित गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए करीब नौ सड़कों के निर्माण की योजना तैयार की, लेकिन कहीं बजट तो कहीं एफसीए और एफआरए के कारण अब तक सड़कों का निर्माण सिरे नहीं चढ़ पाया। दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीण आज भी वर्षों पुरानी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पिछड़े क्षेत्र के लिए प्रस्तावित फांचा-नंती टिक्कर, फांचा से फांचा कंडा, पाठपूंजा से कुई माउड़ी, कावबील पेरी से भींती सड़क के निर्माण को सरकार से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन बजट के अभाव में सड़क का निर्माण लटका हुआ है। इसके अलावा सरपारा से लबाना सदाना, गानवी से घलाड़ी-मदारा-नीनवी, जघोरी से टिक्कर नंती, पाजीधार से पशगांव और क्याव से बड़ावन अनपा के लिए टोकन बजट और एफसीए, एफआरए मंजूरी अभी भी नहीं मिल पाई है। ऐसे में सात पंचायतों के ग्रामीण आधुनिकता के दौर में भी यातायात सुविधा से वंचित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
15/20 क्षेत्र की विकास सभा के अध्यक्ष मोहन, गीताराम नेगी, सैंज राम, कूट पंचायत प्रधान रत्न डोगरा, विजय माटेट, जगजीत, नेक राम, सुरेंद्र, दुर्गा सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी कर सड़कों के निर्माण शुरू करने की मांग की है।
क्षेत्र के ये गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित
जघोरी पंचायत के चौथण, मराज, शालधार, टिक्कर, कुई माउड़ी, भाजवी, क्याव पंचायत के बड़ावन, अनपा, गानवी पंचायत के निनवी, छलाड़ी, मधारा, मोहाली, पशगांव, लबाना सदाना पंचायत के कोट, कूट पंचायत के सुरू और फांचा पंचायत के नंती टिक्कर गांव के ग्रामीण दशकों से सड़क सुविधा के बगैर परेशानी झेल रहे हैं।