स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन: हिमाचल के स्कूल खेलों में शामिल होंगे रग्बी और बुशू, आम सभा में फैसला
स्कूल खेलों में इस वर्ष कई नए रंग देखने को मिलेंगे। अब स्कूली खिलाड़ी केवल पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि टग ऑफ वॉर (रस्साकशी), रग्बी और वुशु जैसे रोमांचक खेलों में भी अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे।
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हिमाचल प्रदेश के स्कूल खेलों में इस वर्ष कई नए रंग देखने को मिलेंगे। अब स्कूली खिलाड़ी केवल पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि टग ऑफ वॉर (रस्साकशी), रग्बी और वुशु जैसे रोमांचक खेलों में भी अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। हिमाचल स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा में इन खेलों को अंडर-14 और अंडर-19 वर्ग में ट्रायल आधार पर शुरू करने का फैसला लिया है। इन खेलों को शामिल करने के बाद प्रदेश के स्कूल खेलों की संख्या बढ़कर 23 होगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय शिमला में मंगलवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं निदेशक आशीष कोहली ने की। बैठक में वर्ष 2026-27 के खेल कैलेंडर को मंजूरी देते हुए तय किया गया कि राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिताओं का आगाज 6 अक्तूबर से होगा।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थलों का भी निर्धारण कर दिया गया है। माइनर गेम्स (बालक वर्ग) शिमला और बालिका वर्ग सोलन में आयोजित होंगे। मेजर गेम्स (बालक वर्ग) की मेजबानी चंबा तथा बालिका वर्ग की सिरमौर को सौंपी गई है। एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं कांगड़ा में होंगी, जबकि इनडोर गेम्स (बालक वर्ग) मंडी और बालिका वर्ग हमीरपुर में आयोजित किए जाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन स्थल की घोषणा बाद में की जाएगी। बैठक में 70वीं राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। हिमाचल को राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिली है। नादौन, जुब्बल और घुमारवीं में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर व्यवस्थाओं और वित्तीय प्रबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई।
स्कूल खेलों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने पहली बार राष्ट्रीय खेल संस्थान पटियाला में शारीरिक शिक्षा व्याख्याताओं, डीपीई और पीईटी के लिए विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत करीब 650 शिक्षकों को स्पोर्ट्स साइंस, प्रतिभा पहचान, आधुनिक कोचिंग तकनीकों और खेल अवसंरचना प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैठक में निर्णय लिया कि प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक जोनल और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी सेवाएं देंगे, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके। बैठक में एसोसिएशन के वेब पोर्टल, लाइव स्ट्रीमिंग सिस्टम और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम की प्रगति की समीक्षा की गई। खेलों के पंजीकरण, चयन, परिणाम और प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ढली (शिमला) के व्यावसायिक प्रशिक्षक प्रवीण मेघटा और उनके विद्यार्थियों को वेब पोर्टल विकसित करने में तकनीकी योगदान के लिए सम्मानित किया गया।