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Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- क्लास थ्री पदों में महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देगी सरकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 08 Mar 2026 05:56 PM IST
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सार

सरकारी विभागों में क्लास थ्री पदों की भर्ती में भी महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाए जाएंगे। ये कहना है मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal News CM Sukhu said the government will provide 25 percent reservation to women in Class III posts
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिरमौर जिला के नाहन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कहा कि सरकारी विभागों में क्लास थ्री पदों की भर्ती में भी महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाए जाएंगे। उन्होंने पुलिस विभाग में महिला सब-इंस्पेक्टर की विशेष भर्ती करने, नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ रुपये देने तथा महिला सम्मान राशि को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने पीजी कॉलेज नाहन में अगले सत्र से एमएससी जिओलॉजी, एमबीए और एमए हिस्ट्री की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की। 

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मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं का कल्याण है और राज्य सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार देते हुए 150 बीघा पैतृक संपत्ति में अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरंभ की, जिसके तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि आज लाहौल-स्पीति जिला की पूरी प्रशासनिक कमान महिलाओं के हाथ में है। जिला सिरमौर के साथ-साथ जिला हमीरपुर की उपायुक्त भी एक महिला अधिकारी हैं जो प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच का प्रतीक हैं।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों की विवाह की आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष किया गया है। विधवाओं के पुनर्विवाह को भी राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि को 65 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपये किया गया है। पुलिस की भर्ती में 30 प्रतिशत में महिलाओं को आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को 1500 रुपये पेंशन अगले वर्ष से देने पर विचार किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने नियमों को बदलकर मुआवजा राशि में ऐतिहासिक बढ़ौतरी की। प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के घरांे के पुनर्निमाण के लिए सात लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की, जबकि पूरा प्रशासनिक अमला लोगों की मदद के लिए लगा हुआ था। जब आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज का प्रस्ताव आया तो भाजपा विधायक वॉकआऊट कर गए। वर्ष 2025 में आपदा के दौरान भी प्रदेश सरकार ने प्रभावितों को राहत दी, जबकि भाजपा के सांसद चुप रहे। प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी परन्तु आज भी यह पैसा प्रदेश के लोगों को नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 फरवरी, 2026 हिमाचल प्रदेश के इतिहास का काला दिन है, जब केंद्र सरकार ने राज्य के लोगों को आरडीजी के रूप में प्रति वर्ष मिलने वाली 10 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता बंद कर दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा राज्य है, जिसके आय के साधन सीमित हैं। उन्होंने कहा हम पंजाब के खेतों को सींचते हैं, उत्तर भारत को पानी देते हैं, जंगलों को बचा कर रखते हैं लेकिन इसके बावजूद हिमाचल के अधिकारों का ध्यान नहीं रखा गया। मैंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं के नेतृत्व में हिमाचल के अधिकारों के लिए दिल्ली जाने को तैयार हूं लेकिन भाजपा विधायक विधानसभा सत्र में नारे लगाते रहे और हिमाचल के अधिकार की कोई बात नहीं की। आज मैं फिर कहना चाहता हूं कि हम इसका भी सामना करेंगे। हमें जनता के अधिकारों की लड़ाई को युद्ध की तरह लड़ना होगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेताओं को हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी इसी जिला से हैं, उन्हें भी प्रदेश के लोगों के अधिकारों की बात करनी चाहिए। भाजपा ने धनबल से राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया लेकिन देवी-देवताओं और लोगों के आशीर्वाद से कांग्रेस के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई। 

सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामलों में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जो विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रदेश के लोगों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि गुणात्मक शिक्षा के लिए राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है और हम स्कूलों में सीबीएसई की शुरूआत कर रहे हैं। यहां म्यूज़िक और ड्राइंग की पढ़ाई भी होगी, जिसके लिए राज्य चयन आयोग के माध्यम से अध्यापकों की भर्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है और हमारी सरकार ने सात गारंटियां पूरी कर दी है। प्रदेश सरकार ने आंगवबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 10,500 रुपये तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाकर 5800 रुपये किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस हिमाचल प्रदेश से किसी को भी उठा कर नहीं ले जा सकती। नियमों को दरकिनार करते हुए बिना सूचना कार्रवाई पर दिल्ली पुलिस पर एफआईआर दर्ज की गई और जब वह दोबारा हिमाचल आए तो पुलिस को सूचित किया, जिस पर राज्य सरकार ने दिल्ली पुलिस का पूरा सहयोग किया। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि आज बेटियां पढ़ाई के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में आगे हैं। उन्होंने बेटियों को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें आगे बढ़ने का भरपूर मौका दिया जाना चाहिए क्योंकि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज हमें समाज में लैंगिक भेदभाव को मिटाने का संकल्प लेना चाहिए जिस समाज में नारियों का सम्मान होता है, वहां देवी-देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू दिव्यांग, अनाथ बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया गया है।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि महिलाओं का किसी भी समाज के उत्थान में बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि आज समाज की सोच में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की दो बेटियां हैं, पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की भी दो बेटियां हैं। जबकि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उनकी भी एक-एक बेटी है। बेटियां अपने परिवार के प्रति ज्यादा समर्पित होती हैं। उन्होंने कहा कि आज पढ़ाई से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बेटियां बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। आज सिरमौर जिला की उपायुक्त भी एक महिला हैं, जो जिला को बेहतर ढंग से चला रही हैं। 

भाजपा पर हमला करते हुए हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ कभी खड़ी नहीं होती। आरडीजी बंद होने के प्रस्ताव का भी भाजपा ने विरोध किया। यह सरकार का विरोध नहीं है बल्कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के हितों का विरोध है। जिसका ख़ामियाज़ा प्रदेश को आने वाले वर्षों में भुगतना पड़ेगा। यही नहीं, जब हिमाचल प्रदेश आपदा के दौर से गुज़र रहा था तो भी भाजपा प्रभावित लोगों के साथ खड़ी नहीं हुई। 

विधायक एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल की धरती पर महिलाएं हमेशा शक्ति का प्रतीक रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा ही महिलाओं के अधिकारों और सम्मान में उनके साथ रही है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण भी कांग्रेस की देन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि और मुख्यमंत्री सुखाश्रय जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। कांग्रेस पार्टी मानती है कि अगर देश को आगे ले जाना है तो महिलाओं को आगे ले जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होंगी तो परिवार सशक्त होगा और जब परिवार सशक्त होगा तो देश सशक्त बनेगा। 

विधायक अजय सोलंकी ने मुख्यमंत्री का नाहन पहुंचने पर स्वागत करते हुए कहा कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला से काफ़ी संख्या में महिलाएं ऊंचे पदों पर पहुंची हैं और जिला का नाम रौशन कर रही हैं, जो जिला के लोगों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नारे के साथ वर्तमान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाज़ों को बंद कर आम जनता के कल्याण के लिए योजनाएं चलाईं। आज उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में रहने वाले व्यक्ति मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की नीतियों और उनकी दूरदर्शी सोच की सराहना कर रहा है। उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की सोच को आगे बढ़ा रहे हैं, जिन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की नींव रखी थी। 

इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफ़िर, पूर्व विधायक किरनेश जंग व अजय बहादुर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, महासचिव बाल कल्याण परिषद जैनब चंदेल, राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार, एपीएमसी सिरमौर के अध्यक्ष सीता राम शर्मा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष नासिर रावत, कांग्रेस नेता दयाल प्यारी, नसीमा बेगम, निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग पंकज ललित, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। 
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