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Solan News: रासायनिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर मंथन
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बद्दी में आयोजित दो दिवसीय रासायनिक सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते उद्योग प्रतिनिधि ए
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विकसित भारत-2047 के लिए सिपेट का दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में केंद्रीय प्लास्टिक अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) की ओर से आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। भारत सरकार की विकसित भारत-2047 पहल के तहत हुए इस कार्यक्रम में 100 से अधिक औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य रासायनिक एवं पेट्रोरसायन उद्योगों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना था। यह प्रशिक्षण 18 और 19 जून को लेमन ट्री होटल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य उद्योगों में रासायनिक सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को प्रभावी बनाना था। दून विधायक राम कुमार चौधरी, उपमंडलाधिकारी बद्दी संजीव धीमान, एमएसएमई सोलन के सहायक निदेशक एके गौतम और सिपेट बद्दी के संयुक्त निदेशक परमिंदर प्रीत सिंह ने इसका शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने औद्योगिक सुरक्षा नियमों, जोखिम मूल्यांकन और आपदा प्रबंधन पर जानकारी दी। इसमें खतरा प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया रणनीतियां और नई सुरक्षा तकनीकें भी शामिल थीं। सिपेट बद्दी के प्रबंधक (तकनीकी) मनोज कुमार राजपूत ने संस्थान की गतिविधियों और प्रशिक्षण की उपयोगिता बताई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़, तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों ने भी मार्गदर्शन दिया।
आयोजकों ने बताया कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप यह प्रयास किया जा रहा है। देशभर की प्रमुख दुर्घटना खतरा इकाइयों तक रासायनिक सुरक्षा प्रशिक्षण पहुंचाया जा रहा है। इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
सिपेट बद्दी के तकनीकी अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में केंद्रीय प्लास्टिक अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) की ओर से आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। भारत सरकार की विकसित भारत-2047 पहल के तहत हुए इस कार्यक्रम में 100 से अधिक औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य रासायनिक एवं पेट्रोरसायन उद्योगों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना था। यह प्रशिक्षण 18 और 19 जून को लेमन ट्री होटल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य उद्योगों में रासायनिक सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को प्रभावी बनाना था। दून विधायक राम कुमार चौधरी, उपमंडलाधिकारी बद्दी संजीव धीमान, एमएसएमई सोलन के सहायक निदेशक एके गौतम और सिपेट बद्दी के संयुक्त निदेशक परमिंदर प्रीत सिंह ने इसका शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने औद्योगिक सुरक्षा नियमों, जोखिम मूल्यांकन और आपदा प्रबंधन पर जानकारी दी। इसमें खतरा प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया रणनीतियां और नई सुरक्षा तकनीकें भी शामिल थीं। सिपेट बद्दी के प्रबंधक (तकनीकी) मनोज कुमार राजपूत ने संस्थान की गतिविधियों और प्रशिक्षण की उपयोगिता बताई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़, तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों ने भी मार्गदर्शन दिया।
आयोजकों ने बताया कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप यह प्रयास किया जा रहा है। देशभर की प्रमुख दुर्घटना खतरा इकाइयों तक रासायनिक सुरक्षा प्रशिक्षण पहुंचाया जा रहा है। इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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सिपेट बद्दी के तकनीकी अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।