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Solan News: सरसा खड्ड में मिला सीईटीपी का झागदार पानी
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ग्रामीणों को आशंका,खड्ड में सिंचाई योजना होने से खेत तक पहुंचेगा दूषित पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला। मलपुर गांव के समीप एक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से निकलने वाले पानी में झाग उठने से स्थानीय लोगों में गहरी चिंता है। यह झागदार पानी सरसा खड्ड में मिल रहा है, जिससे कई सिंचाई योजनाएं संचालित होती हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि यह पानी रसायनयुक्त हुआ तो खेतों तक पहुंचकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, सीईटीपी से निकलने वाला पानी पाइप लाइन के जरिये खड्ड में छोड़ा जाता है। वर्तमान में यह पाइप बीच से टूटी हुई है। इसी कारण पानी बाहर निकलकर झाग बना रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पानी पूरी तरह से ट्रीट किया हुआ होता तो झाग नहीं बनती। मलपुर के पूर्व प्रधान पोला राम, प्रतीम चंद और करनैल सैनी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि यह पानी सिंचाई योजनाओं के माध्यम से खेतों तक पहुंच सकता है। इससे फसलों को नुकसान होने का गंभीर खतरा है। ग्रामीणों ने पाइप लाइन की तुरंत मरम्मत की मांग की है।
ग्रामीणों की चिंता और मांग
मलपुर गांव के पूर्व प्रधान पोला राम, प्रतीम चंद और करनैल सैनी ने बताया कि सीईटीपी से निकलने वाला झागदार पानी सिंचाई योजनाओं के जरिए खेतों तक पहुंच सकता है। इससे फसलों को नुकसान होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि पानी पूरी तरह से ट्रीट होता तो झाग नहीं बनती। ग्रामीणों ने टूटी हुई पाइप लाइन की तत्काल मरम्मत की मांग की है।
सीईटीपी प्रबंधन का आश्वासन
सीईटीपी प्रभारी अशोक शर्मा ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शर्मा ने आश्वासन दिया कि पाइप लाइन को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला। मलपुर गांव के समीप एक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से निकलने वाले पानी में झाग उठने से स्थानीय लोगों में गहरी चिंता है। यह झागदार पानी सरसा खड्ड में मिल रहा है, जिससे कई सिंचाई योजनाएं संचालित होती हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि यह पानी रसायनयुक्त हुआ तो खेतों तक पहुंचकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, सीईटीपी से निकलने वाला पानी पाइप लाइन के जरिये खड्ड में छोड़ा जाता है। वर्तमान में यह पाइप बीच से टूटी हुई है। इसी कारण पानी बाहर निकलकर झाग बना रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पानी पूरी तरह से ट्रीट किया हुआ होता तो झाग नहीं बनती। मलपुर के पूर्व प्रधान पोला राम, प्रतीम चंद और करनैल सैनी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि यह पानी सिंचाई योजनाओं के माध्यम से खेतों तक पहुंच सकता है। इससे फसलों को नुकसान होने का गंभीर खतरा है। ग्रामीणों ने पाइप लाइन की तुरंत मरम्मत की मांग की है।
ग्रामीणों की चिंता और मांग
मलपुर गांव के पूर्व प्रधान पोला राम, प्रतीम चंद और करनैल सैनी ने बताया कि सीईटीपी से निकलने वाला झागदार पानी सिंचाई योजनाओं के जरिए खेतों तक पहुंच सकता है। इससे फसलों को नुकसान होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि पानी पूरी तरह से ट्रीट होता तो झाग नहीं बनती। ग्रामीणों ने टूटी हुई पाइप लाइन की तत्काल मरम्मत की मांग की है।
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सीईटीपी प्रबंधन का आश्वासन
सीईटीपी प्रभारी अशोक शर्मा ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शर्मा ने आश्वासन दिया कि पाइप लाइन को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा।