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Solan News: नौणी विवि में कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर के प्रसंस्करण केंद्र का शुभारंभ
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विवि के कुलपति ने कई नई परियोजनाओं की रखी आधारशिला, हर्बल उत्पाद विकास एवं विक्रय केंद्र भी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विश्वविद्यालय ने बुधवार को संस्थागत विकास के नए चरण की शुरुआत की। कुलपति प्रो. हरमिंदर सिंह बवेजा ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों और वैज्ञानिकों की उपस्थिति में इन पहलों का शुभारंभ किया। कुलपति ने भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहयोग से स्थापित कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर के प्रसंस्करण केंद्र का ऑनलाइन उद्घाटन किया। यह केंद्र उत्पाद विकास, मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करेगा। एनोलॉजी प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया, जो वाइन निर्माण में अनुसंधान और प्रशिक्षण को सुदृढ़ करेगी। हर्बल उत्पाद विकास एवं विक्रय केंद्र और हर्बेरियम के डिजिटलीकरण सुविधा का भी शुभारंभ हुआ।
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से वित्त पोषित कैनबिस अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। यह केंद्र औषधीय प्रयोजनों के लिए कैनबिस के वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देगा। सार्वजनिक-निजी भागीदारी नीति केंद्र और सत्यनंद स्टोक्स पुस्तकालय में थॉट लैब का भी उद्घाटन हुआ। विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक छात्रावास में सुख-संसार रीडिंग एंड स्टडी लाउंज भी खोले गए।
विश्वविद्यालय ने भविष्य की अनुसंधान एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें जैव प्रौद्योगिकी विभाग में प्लांट टिश्यू कल्चर सुविधा और बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में हिमालयी पारंपरिक बीज विरासत केंद्र शामिल हैं। सिल्वीकल्चर एवं कृषि वानिकी विभाग में अपशिष्ट से संपदा उत्कृष्टता केंद्र और कीट विज्ञान विभाग में मधुमक्खी अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र की भी आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं से जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक बीज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
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शैक्षणिक पहुंच का विस्तार करने के लिए दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षण केंद्र की आधारशिला रखी गई। यह केंद्र देश-विदेश के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराएगा। नेरी, हमीरपुर में प्रशिक्षण, प्लेसमेंट एवं वैश्विक संपर्क उत्कृष्टता केंद्र की भी आधारशिला रखी गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में सुधार करना और कॅरिअर के अवसर उपलब्ध करवाना है। कृषि संग्रहालय की भी आधारशिला रखी गई, जो कृषि, बागवानी और वानिकी के विकास क्रम को प्रदर्शित करेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विश्वविद्यालय ने बुधवार को संस्थागत विकास के नए चरण की शुरुआत की। कुलपति प्रो. हरमिंदर सिंह बवेजा ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों और वैज्ञानिकों की उपस्थिति में इन पहलों का शुभारंभ किया। कुलपति ने भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहयोग से स्थापित कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर के प्रसंस्करण केंद्र का ऑनलाइन उद्घाटन किया। यह केंद्र उत्पाद विकास, मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करेगा। एनोलॉजी प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया, जो वाइन निर्माण में अनुसंधान और प्रशिक्षण को सुदृढ़ करेगी। हर्बल उत्पाद विकास एवं विक्रय केंद्र और हर्बेरियम के डिजिटलीकरण सुविधा का भी शुभारंभ हुआ।
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से वित्त पोषित कैनबिस अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। यह केंद्र औषधीय प्रयोजनों के लिए कैनबिस के वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देगा। सार्वजनिक-निजी भागीदारी नीति केंद्र और सत्यनंद स्टोक्स पुस्तकालय में थॉट लैब का भी उद्घाटन हुआ। विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक छात्रावास में सुख-संसार रीडिंग एंड स्टडी लाउंज भी खोले गए।
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विश्वविद्यालय ने भविष्य की अनुसंधान एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें जैव प्रौद्योगिकी विभाग में प्लांट टिश्यू कल्चर सुविधा और बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में हिमालयी पारंपरिक बीज विरासत केंद्र शामिल हैं। सिल्वीकल्चर एवं कृषि वानिकी विभाग में अपशिष्ट से संपदा उत्कृष्टता केंद्र और कीट विज्ञान विभाग में मधुमक्खी अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र की भी आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं से जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक बीज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
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शैक्षणिक पहुंच का विस्तार करने के लिए दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षण केंद्र की आधारशिला रखी गई। यह केंद्र देश-विदेश के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराएगा। नेरी, हमीरपुर में प्रशिक्षण, प्लेसमेंट एवं वैश्विक संपर्क उत्कृष्टता केंद्र की भी आधारशिला रखी गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में सुधार करना और कॅरिअर के अवसर उपलब्ध करवाना है। कृषि संग्रहालय की भी आधारशिला रखी गई, जो कृषि, बागवानी और वानिकी के विकास क्रम को प्रदर्शित करेगा।