{"_id":"6a359ee58589eeb3920c5688","slug":"passengers-frustrated-by-hrtcs-dilapidated-buses-new-electric-buses-gathering-dust-for-10-days-solan-news-c-176-1-ssml1041-171950-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: एचआरटीसी की खटारा बसों से यात्री परेशान, नई इलेक्ट्रिक बसें 10 दिन से फांक रहीं धूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: एचआरटीसी की खटारा बसों से यात्री परेशान, नई इलेक्ट्रिक बसें 10 दिन से फांक रहीं धूल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिले में एक दर्जन से अधिक रूटों पर बार-बार खराब हो रहीं बसें, आवंटन के इंतजार में नई ई-बसें
नौकरीपेशा और स्कूली बच्चों झेलनी पड़ रही दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन में परिवहन निगम की लचर व्यवस्था के कारण आम जनता और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां निगम के बेड़े में शामिल खटारा बसें रूटों पर दम तोड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए आईं नई इलेक्ट्रिक बसें पिछले कई दिनों से खड़ी-खड़ी धूल फांक रही हैं। लोगों और यात्रियों की शिकायत है कि जिले में परिवहन निगम की ओर से कई ऐसे रूटों पर खटारा बसें चलाई जा रही हैं, जो बीच रास्ते में ही जवाब दे देती हैं। सोलन जिले में एक दर्जन से भी ज्यादा ऐसे रूट हैं, जहां बसें बार-बार खराब हो रही हैं। इसके कारण न केवल नौकरीपेशा और आम लोग अपने गंतव्य पर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, बल्कि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भी बीच रास्ते में परेशान होना पड़ रहा है।
मंडी में खड़ी हैं नई बसें, नहीं हो पाया आवंटन
हैरानी की बात यह है कि एक ओर जहां खटारा बसों के कारण लोग त्रस्त हैं, वहीं परिवहन निगम अभी तक नई इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन नहीं कर पाया है। जानकारी के अनुसार, ये नई बसें पिछले 10 दिनों से खड़ी हैं। पहले इन बसों को सेब मंडी सोलन में खड़ा रखा गया था और अब इन्हें परवाणू टर्मिनल मंडी में खड़ा किया गया है। निगम के अधिकारियों के अनुसार अभी इन बसों को कंपनी ने प्रदेश सरकार को हैंडओवर नहीं किया है, जब इसे सरकार को दिया जाएगा उसके बाद इसका आवंटन होगा।
नालागढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक परेशानी
नालागढ़ क्षेत्र के स्थानीय लोग मेहर चंद, नरेश कुमार, सूरज कुमार, जसवंत सिंह, नवीन, दिलीप सिंह और रामकरण सहित अन्य बताया कि निगम क्षेत्र के रूट पर बसों का खराब होना आम बात हो गई है। 21 मई को नालागढ़-लुनस रूट पर शाम 5:30 बजे जाने वाली बस कुमारहट्टी में खराब हुई थी। 28 मई को दोपहर 12:00 बजे जाने वाली नालागढ़-कवारनी रूट की बस मित्तियां से एक किलोमीटर पहले ही हांफ गई थी। इसके अलावा 17 जून को नालागढ़ से शिमला जाने वाली और शिमला से नालागढ़ आने वाली, दोनों ही बसें बीच रास्ते में जवाब दे गईं थी।
विज्ञापन
नालागढ़ डिपो में बसों की कमी
नालागढ़ डिपो में इस समय बसों की भारी कमी चल रही है। डिपो के बेड़े में कुल 80 बसें हैं, जिनमें से करीब 28 बसें खराब पड़ी हैं। महज 52 चालू बसों के सहारे करीब 180 रूटों का संचालन करना पड़ रहा है। निगम के पास नई इलेक्ट्रिक बसें आ चुकी हैं, लेकिन इसका आवंटन न होने के कारण यह बसें धूल फांक रही है।
नौकरीपेशा और स्कूली बच्चों झेलनी पड़ रही दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन में परिवहन निगम की लचर व्यवस्था के कारण आम जनता और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां निगम के बेड़े में शामिल खटारा बसें रूटों पर दम तोड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए आईं नई इलेक्ट्रिक बसें पिछले कई दिनों से खड़ी-खड़ी धूल फांक रही हैं। लोगों और यात्रियों की शिकायत है कि जिले में परिवहन निगम की ओर से कई ऐसे रूटों पर खटारा बसें चलाई जा रही हैं, जो बीच रास्ते में ही जवाब दे देती हैं। सोलन जिले में एक दर्जन से भी ज्यादा ऐसे रूट हैं, जहां बसें बार-बार खराब हो रही हैं। इसके कारण न केवल नौकरीपेशा और आम लोग अपने गंतव्य पर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, बल्कि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भी बीच रास्ते में परेशान होना पड़ रहा है।
मंडी में खड़ी हैं नई बसें, नहीं हो पाया आवंटन
हैरानी की बात यह है कि एक ओर जहां खटारा बसों के कारण लोग त्रस्त हैं, वहीं परिवहन निगम अभी तक नई इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन नहीं कर पाया है। जानकारी के अनुसार, ये नई बसें पिछले 10 दिनों से खड़ी हैं। पहले इन बसों को सेब मंडी सोलन में खड़ा रखा गया था और अब इन्हें परवाणू टर्मिनल मंडी में खड़ा किया गया है। निगम के अधिकारियों के अनुसार अभी इन बसों को कंपनी ने प्रदेश सरकार को हैंडओवर नहीं किया है, जब इसे सरकार को दिया जाएगा उसके बाद इसका आवंटन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नालागढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक परेशानी
नालागढ़ क्षेत्र के स्थानीय लोग मेहर चंद, नरेश कुमार, सूरज कुमार, जसवंत सिंह, नवीन, दिलीप सिंह और रामकरण सहित अन्य बताया कि निगम क्षेत्र के रूट पर बसों का खराब होना आम बात हो गई है। 21 मई को नालागढ़-लुनस रूट पर शाम 5:30 बजे जाने वाली बस कुमारहट्टी में खराब हुई थी। 28 मई को दोपहर 12:00 बजे जाने वाली नालागढ़-कवारनी रूट की बस मित्तियां से एक किलोमीटर पहले ही हांफ गई थी। इसके अलावा 17 जून को नालागढ़ से शिमला जाने वाली और शिमला से नालागढ़ आने वाली, दोनों ही बसें बीच रास्ते में जवाब दे गईं थी।
नालागढ़ डिपो में बसों की कमी
नालागढ़ डिपो में इस समय बसों की भारी कमी चल रही है। डिपो के बेड़े में कुल 80 बसें हैं, जिनमें से करीब 28 बसें खराब पड़ी हैं। महज 52 चालू बसों के सहारे करीब 180 रूटों का संचालन करना पड़ रहा है। निगम के पास नई इलेक्ट्रिक बसें आ चुकी हैं, लेकिन इसका आवंटन न होने के कारण यह बसें धूल फांक रही है।