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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Two people stranded in the middle of the river at Burma Papri; helicopter summoned for rescue.

सिरमौर: बर्मा पापड़ी में नदी के बीच फंसे दो लोग, हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाले गए, देखें वीडियो

Tue, 01 Sep 2026 07:50 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन।
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 01 Sep 2026 07:50 PM IST
सार

 पुलिस अधीक्षक और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण शाम करीब 7:30 बजे तक दोनों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रेस्क्यू के लिए हेलिकॉप्टर मंगवाया। 

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Two people stranded in the middle of the river at Burma Papri; helicopter summoned for rescue.
बर्मा पापड़ी में नदी के बीच फंसे दो लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के सिरमाैर जिले के नाहन विकासखंड के बर्मा पापड़ी में मंगलवार को रूण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से करीब 62 वर्षीय बनारसी दास और उन्हें बचाने पहुंचे 32 वर्षीय अंशुल नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए। करीब साढ़े चार घंटे चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात करीब 8 बजे वायुसेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर से बनारसी दास को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें सहारनपुर ले जाकर भारतीय सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, बनारसी दास क्षेत्र में भैंसें चरा रहे थे। इस दौरान करीब 3 बजे रूण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे वह नदी के बीच फंस गए। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। इसी बीच बर्मा पापड़ी निवासी और जलशक्ति विभाग में कार्यरत 32 वर्षीय अंशुल बुजुर्ग की मदद के लिए नदी में उतर गए। तेज बहाव के बीच वह भी नदी में फंस गए। करीब 9 बजे जलस्तर कुछ कम होने पर अंशुल स्वयं नदी में कुछ दूरी तक किनारे की ओर आए, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। संकट की इस घड़ी में अंशुल के साहस की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

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बुजुर्ग को बचाने नदी में उतरा अंशुल, खुद भी फंसा
बनारसी दास को नदी के बीच फंसा देखकर बर्मा पापड़ी निवासी 32 वर्षीय अंशुल, जो जलशक्ति विभाग में कार्यरत हैं, उनकी मदद के लिए नदी में पहुंच गए। तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर की परवाह किए बिना अंशुल बुजुर्ग तक पहुंचे और उनके साथ डटे रहे। इस दौरान वह स्वयं भी नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए। मौके पर दो अन्य लोग भी बनारसी दास को बचाने के लिए नदी में गए, लेकिन तेज बहाव में बहने लगे। हालांकि, रस्सी बंधी होने के कारण दोनों को सुरक्षित बचा लिया गया। कमांडेंट होमगार्ड टीआर शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान टीमें लगातार मौके पर डटी रहीं। अंशुल के बुजुर्ग के पास पहुंचने से उनका हौसला भी बना रहा। उन्होंने कहा कि अंशुल ने विपरीत परिस्थितियों में जिस साहस का परिचय दिया, वह काबिल-ए-तारीफ है। बनारसी दास के रात करीब 8 बजे हवाई रेस्क्यू के बाद भी अंशुल को बाहर निकालने के लिए अभियान जारी रहा। करीब एक घंटे बाद नदी का जलस्तर कुछ कम हुआ, जिसके बाद अंशुल स्वयं नदी में कुछ दूरी तक किनारे की ओर आए। इसके बाद मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

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घास के झुंड ने बचाई बुजुर्ग की जान
ग्रामीणों के अनुसार, नदी के बीच फंसे बनारसी दास की जान बचाने में मौके पर मौजूद घास के एक झुंड ने भी अहम भूमिका निभाई। तेज बहाव के बीच बनारसी दास ने घास के झुंड को मजबूती से पकड़ लिया था। पानी का बहाव बेहद तेज होने के बावजूद वह उसे पकड़े रहे और इसी वजह से बहने से बच गए। दूसरी ओर एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि बर्मा पापड़ी निवासी करीब 62 वर्षीय बनारसी दास पुत्र मुख्तयार सिंह के रूण नदी में फंसने की घटना करीब दोपहर 3 बजे की है। हालांकि, प्रशासन को इसकी सूचना करीब 4 बजे दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, होमगार्ड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और बहाव बेहद तेज होने के कारण जमीन से बनारसी दास तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हवाई रेस्क्यू की तैयारी की गई। आखिरकार रात करीब 8 बजे वायुसेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा और बनारसी दास को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इसके बाद उन्हें तत्काल सहारनपुर ले जाया गया, जहां भारतीय सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

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विधायक सोलंकी ने मुख्यमंत्री से किया संपर्क, सीएम ने वीडियोकॉल से की बात
घटना की गंभीरता को देखते हुए नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने भी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से तत्काल संपर्क किया। विधानसभा सत्र के चलते विधायक शिमला में मौजूद थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर वायुसेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से बुजुर्ग के रेस्क्यू की व्यवस्था करवाने का आग्रह किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के स्तर पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एमआई-17 हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई, जिससे बनारसी दास को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। विधायक ने इसके लिए मुख्यमंत्री, वायुसेना के बचाव दल, प्रशासन और सभी रेस्क्यू टीमों का आभार व्यक्त किया। साथ ही जलशक्ति विभाग के कर्मचारी अंशुल के साहस की जमकर सराहना की, जिन्होंने बुजुर्ग की मदद के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। करीब साढ़े चार घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी, कमांडेंट होमगार्ड टीआर शर्मा, एसडीएम राजीव सांख्यान, तहसीलदार उपेंद्र चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, होमगार्ड और पुलिस की टीमें भी लगातार बचाव अभियान में जुटी रहीं। रेस्क्यू ऑपरेशन सफल होने के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीडियो कॉल के माध्यम से अंशुल से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग की मदद के लिए नदी के तेज बहाव में उतरने और मुश्किल परिस्थितियों में हिम्मत बनाए रखने के लिए अंशुल के साहस की प्रशंसा की।

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